घूम-घूम कर जहर उगलने वाले स्वतंत्र भारद्वाज पर जिन धाराओं में FIR, उनमें कितनी सजा का है प्रावधान? Explained

FIR Against Swatantra Bhardwaj: जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में संजय आजाद पर हमले के मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज पर SC-ST एक्ट लगाया।
FIR Against Swatantra Bhardwaj
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Swatantra Bhardwaj Detained: जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रोटेस्ट के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी की कार्यकर्ता निशू आजाद के पिता संजय पर हमला करने वाला स्वतंत्र भारद्वाज बुरी तरह फंसता नजर आ रहा है। CJP समेत कई दलों के नेताओं द्वारा पुलिस थाने में प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र के खिलाफ दर्ज पुरानी एफआईआर में एक नई धाराएं जोड़ी हैं।

पुलिस ने स्वतंत्र पर एससी-एसटी एक्ट का भी केस लगाया है। वहीं पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच के बाद अटेम्प्ट टू मर्डर की धाराएं जोड़ने का आश्वासन दिया गया है। स्वतंत्र को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने की बात कही गई है। वहीं, उस बुलंदशहर में पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया है।

डेढ़ महीने बाद क्यों गरमाया मामला?

बता दें कि डेढ़ महीने पुराना ये मामला पूरी तरह ठंडा पड़ चुका था, लेकिन गुरुवार को स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसमें स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि उसने संजय आजाद पर अपने कड़े से हमला किया था और इस हमले में संजय के सिर पर 60 टांके लगे। मालूम हो कि पीड़ित संजय दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले पर सक्रियता दिखाई है। मामले को तुल पकड़ता देख दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र के खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया है।

स्वतंत्र पर किन धाराओं में FIR?

दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की धारा लगाई है। जो एक गैर-जमानती धारा है। इस धारा के तहत आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित है। वहीं, आरोप साबित होने पर स्वतंत्र भारद्वाज को 6 महीने से 5 साल तक की जेल हो सकती है।

अदालत चाहे तो दोषी साबित होने पर संबंधित शख्स के ऊपर जुर्माना भी लगा सकती है. एससी-एसटी केस में जमानत मिलना काफी मुश्किल है।

कितनी सजा हो सकती है?

वहीं दिल्ली पुलिस द्वारा स्वतंत्र के खिलाफ पहले जो एफआईआर दर्ज की गई थी, उसमें BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) लगाई गई थी और इस मामले में पहले ही पुलिस स्वतंत्र से पूछताछ भी कर चुकी है।

FIR Against Swatantra Bhardwaj
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बता दें कि बीएनस की धारा 115 (2) में 1 साल की जेल की सजा का प्रावधान है और इसी तरह बीएनएस की धारा 126(2) में भी 1 साल की जेल की सजा या फिर जुर्माना लग सकता है।

वहीं, अगर पुलिस संजय आजाद की दोबारा मेडिकल जांच कराने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज पर अटेम्प्ट टू मर्डर की धारा लगाती है तो इस मामले में उसे 10 साल तक की जेल हो सकती है।

कौन है स्वतंत्र भारद्वाज?

स्वतंत्र भारद्वाज मूल रूप से बिहार के दरभंगा का रहने वाला है और वह पिछले कुछ सालों से दिल्ली में ही रह रहा है। भारद्वाज ने खुद बताया कि वह दिल्ली यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट रहा है और राजधानी आने से पहले वह पटना में रहकर पढ़ाई करता था। हिंदुत्ववादी मुद्दों पर काम करने के अलावा वह खुद को सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर भी बताता है। भारद्वाज खुद को गोरक्षक भी कहता है।

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