Aja Ekadashi Tulsi Upay: श्री हरी भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए अजा एकादशी का पावन व्रत बड़ा महत्व रखता है। यह एकादशी का व्रत हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष में रखा जाता है। इस बार 7 सितंबर, सोमवार के दिन यह व्रत रखा जा रहा है।
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए इस दिन तुलसी पूजा का भी विशेष महत्व है। तुलसी से जुड़े किन नियमों का पालन करना अजा एकादशी के दिन शुभ होता है?
अजा एकादशी की सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें और तुलसी के पौधे में थोड़ा सा गंगाजल अर्पित करें। कहा जाता है कि, इससे परिवार में हमेशा सद्भाव और सुख-शांति बनी रहती है।
कहा जाता है कि, श्रीहरि की पूजा बिना तुलसी के पूरी नहीं होती। इसलिए भगवान विष्णु को जो भी भोग लगाएं, उसमें तुलसी का पत्ता जरूर शामिल करें। इससे वे अति प्रसन्न होते हैं।
शास्त्रों में भगवान विष्णु की आराधना करते समय तुलसी की माला धारण करना शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं। इसलिए तुलसी की माला पहनकर विष्णु जी की पूजा और मंत्र जाप करने से साधक को विशेष आध्यात्मिक लाभ और पुण्य की प्राप्ति होती है।
बताया जाता है कि, पूजा के दौरान तुलसी के पास बैठकर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'ॐ नमो नारायणाय' मंत्र का जप करें। यह मंत्र घर में बरकत और पॉजिटिव एनर्जी लाता है।
एकादशी शाम को तुलसी के पौधे के पास गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाना बिल्कुल न भूलें। इससे घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और शुभता का आगमन होता है।