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यवतमाल जिले के पाटण स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में चोरों ने पिछली दीवार तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
चोरों ने सब्बल, घन, हथौड़े और छेनी की मदद से दीवार में बड़ा छेद कर बैंक में प्रवेश किया।
भारी तिजोरी को बैंक से करीब 200 से 250 फीट दूर घसीटकर ले गए और हथौड़े व घन से तोड़कर 6,09,929 रुपए नकद चुरा लिए।
Yavatmal Bank Robbery: बैंक की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए चोरों ने पाटण स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में चोरी को अंजाम दिया। चोरों ने सब्बल, घन, हथौड़े और छेनी की मदद से बैंक की पिछली दीवार में बड़ा छेद किया और भीतर प्रवेश किया।
इसके बाद भारी-भरकम तिजोरी को बाहर निकालकर ढलान की दिशा में करीब 200 से 250 फीट तक घसीटा, सुनसान स्थान पर ले जाकर तिजोरी को हथौड़े और घन से तोड़ा तथा उसमें रखे 6 लाख 9 हजार 929 रुपए नकद लेकर फरार हो गए, मंगलवार की सुबह चोरी की घटना सामने आते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, मध्यरात्रि के दौरान चोरों ने बैंक की पिछली दीवार को तोड़कर भीतर प्रवेश किया। इसके बाद तिजोरी को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत की। भारी तिजोरी को घसीटते हुए बैंक से दूर ले जाया गया और वहां उसे तोड़कर नकदी निकाल ली गई। सुबह करीब सात बजे नागरिकों की नजर बैंक की टूटी दीवार और परिसर में बिखरे सामान पर पड़ी। इसके बाद चोरी का खुलासा हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक थोरात, उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुरेश दलवे, मोबाइल फॉरेंसिक टीम तथा स्थानीय अपराध शाखा के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
मुकुटबन के थानेदार सतीश जाधव, शिरपुर के थानेदार संतोष मनवर सहित पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें रवाना की गई हैं। मामले की जांच थानेदार मिलिंद सरकटे कर रहे हैं।
चौकाने वाली बात यह है कि कुछ वर्ष पहले भी इसी बैंक शाखा में चोरी की घटना हो चुकी है। इसके बावजूद बैंक प्रबंधन की ओर से सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं किए गए थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बार-बार चोरी की घटनाओं के बावजूद बैंक की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत क्यों नहीं की गई? आखिर इस लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा?