प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
वर्धा

समृद्धि महामार्ग पर फिर बढ़े हादसे, 11 मौतें 2025 में 144 दुर्घटनाएं, वर्धा में अलर्ट

Wardha Expressway Accidents: समृद्धि महामार्ग पर 2025 में फिर हादसे बढ़े। वर्धा जिले में 144 दुर्घटनाएं हुईं, 11 लोगों की मौत हुई। नींद, टायर फटना और तेज रफ्तार प्रमुख कारण रहे।

अंकिता पटेल

Wardha Samruddhi Expressway: वर्धा हिंदू हृदयसम्राट स्वर्गीय बालासाहब ठाकरे समृद्धि महामार्ग पर दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, व्यापक जनजागरण, चेतावनी फलक, गति नियंत्रण और पुलिस की सतर्कता के बावजूद वर्ष 2025 में हादसों की संख्या में एक बार फिर चिंताजनक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में समृद्धि एक्सप्रेस-वे पर कुल 144 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 10 भीषण हादसों में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। समृद्धि महामार्ग वर्धा जिले की सेलू, वर्धा और आर्थी इन तीन तहसीलों से होकर गुजरता है। यह महामार्ग वर्ष 2022 के अंतिम दिनों में परिवहन के लिए खोला गया था।

शुरुआती दौर में तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी के चलते दुर्घटनाओं की संख्या काफी अधिक रही। वर्ष 2022 में जहां केवल 7 हादसे दर्ज हुए, वहीं 2023 में यह संख्या बढ़कर 138 तक पहुंच गई। इसके बाद प्रशासन द्वारा आवश्यक उपाययोजनाएं अपनाई गई, जिससे वर्ष 2024 में हादसों की संख्या घटकर 113 रह गई।

लेकिन वर्ष 2025 में एक बार फिर दुर्घटनाओं का आंकड़ा बढ़कर 144 तक पहुंच जाना चिंता का विषय बन गया है। हादसों के प्रमुख कारणः वर्ष 2025 में हुई 144 दुर्घटनाओं के पीछे कई कारण सामने आए हैं। इसमें नींद की झपकी के कारण सबसे अधिक 49 हादसे हुए। वाहन का टायर फटने से 25 दुर्घटनाएं हुई।

वाहन से नियंत्रण छूटने के कारण 26 हादसे दर्ज किए गए। पीछे से टक्कर लगने की घटनाएं 20 रहीं। ओवरटेक करने के प्रयास में 11 दुर्घटनाएं हुई। अचानक जानवर सामने आने से 2 हादसे हुए। अन्य कारणों से 10 दुर्घटनाएं दर्ज की गई। इन हादसों में 11 लोगों की मौत, 4 गंभीर रूप से घायल तथा 5 लोग मामूली रूप से घायल बताए गए हैं, जबकि 128 लोग बाल-बाल बच गए।

कड़े नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता

लगातार बढ़ते हादसे यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि क्या मौजूदा सुरक्षा उपाय पर्याप्त हैं? विशेषज्ञों के अनुसार लंबी दूरी, सीधी सड़कें और तेज गति के कारण चालक सतर्कता खो बैठते हैं।

ऐसे में ड्राइवरों की नियमित स्वास्थ्य जांच, विश्राम स्थलों की संख्या बढ़ाने, स्पीड मॉनिटरिंग और कड़े नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता महसूस की जा रही है। समृद्धि महामार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए अब और अधिक ठोस कदम उठाने की मांग जोर पकड़ रही है, ताकि यह महत्वाकांक्षी परियोजना दुर्घटनाओं के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षित यात्रा के लिए जानी जाए।

महीनावार हुए हादसे

क्रमांक माह हादसे
1 जनवरी 10
2 फरवरी 23
3 मार्च 11
4 अप्रैल 12
5 मई 11
6 जून 02
7 जुलाई 15
8 अगस्त 15
9 सितंबर 17
10 अक्टूबर 06
11 नवंबर 12
12 दिसंबर 10
कुल 144

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