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दीवाली की पूर्व संध्या पर दिल्ली की हवा पिछले 10 सालों में सबसे खराब रही
रविवार को दिल्ली में दिवाली की रात हालात और भी बिगड़ने के आसार हैं।
शनिवार को पंजाब और हरियाणा में खेतों में आग लगने की घटनाएं सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची
Delhi Air Pollution Update: पूरे देश में दिवाली की धूम है। लेकिन राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के मामले में फिर इतिहास रचा है। दीवाली की पूर्व संध्या पर दिल्ली की हवा पिछले 10 सालों में सबसे प्रदूषित रही। शनिवार को शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 369 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। यह 2016 के बाद दिवाली से एक दिन पहले का सबसे खराब आंकड़ा है, जब AQI 404 तक पहुंच गया था।
शुक्रवार को AQI 382 था, जो शनिवार को थोड़ा सुधरकर 369 हो गया, लेकिन कई इलाकों में स्थिति बेहद गंभीर बनी रही। 59 निगरानी केंद्रों में से 16 पर हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में रही। आईआईटी दिल्ली के पास AQI 452 तक पहुंच गया। पंजाबी बाग, विवेक विहार, रोहिणी और जहांगीरपुरी जैसे इलाकों में भी 400 के पार आंकड़े दर्ज हुए। CPCB के अनुसार, अक्षरधाम मंदिर के आसपास के इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 336 है, जिसे 'बहुत खराब' (Very Poor) की श्रेणी में रखा गया है।
शनिवार को पंजाब और हरियाणा में खेतों में आग लगने की घटनाएं इस सीजन के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। इसरो के सैटेलाइट डेटा के अनुसार, लगातार 10वें दिन ऐसी घटनाओं की संख्या बढ़ी। सूर्यास्त के बाद हवा शांत हो गई। रात 8 बजे पटाखे जलाने के तय समय के दो घंटे के भीतर ही शहर की हवा पिछली रात की तुलना में करीब 30 प्रतिशत अधिक प्रदूषित हो गई।परिवहन क्षेत्र प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत बना रहा (लगभग 21 प्रतिशत योगदान), जबकि पराली जलाने का हिस्सा भी बढ़ने का अनुमान है।
रविवार को दिवाली का दिन शुरू हो चुका है और आने वाली रात के लिए हालात और बिगड़ने के आसार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर हवाएं, प्रतिकूल मौसम और पटाखों का धुआं मिलकर प्रदूषण को ‘गंभीर’ श्रेणी में धकेल सकते हैं। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, 8 और 9 नवंबर को हवा गुणवत्ता ‘गंभीर’ बनी रह सकती है। कुछ पूर्वानुमानों में सोमवार सुबह तक AQI 400 के पार जाने की बात कही जा रही है।
‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी की हवा सांस की बीमारियों, आंखों में जलन और हृदय संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। घर के अंदर रहने, मास्क पहनने और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने की सिफारिश की जा रही है। दिल्ली में GRAP के सख्त नियम पहले से लागू हैं। बावजूद इसके प्रदूषण नियंत्रण चुनौती बना हुआ है। दिवाली की खुशियों के बीच साफ हवा की कमी राजधानीवासियों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।