प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
वर्धा

समृद्ध पंचायत अभियान की राहत खत्म, कर बकाया पर 50% छूट बंद, वर्धा में नागरिक नाराज

Wardha Property Tax: वर्धा में समृद्ध पंचायत राज अभियान के तहत कर बकाया पर 50% छूट समाप्त। अब नागरिकों को पूरी राशि भरनी होगी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।

अंकिता पटेल

Wardha Panchayat Raj: वर्धा मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायतों द्वारा दी जा रही कर कर बकाया पर 50 प्रतिशत की छूट अब बंद कर दी गई है। इस निर्णय से शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों में तीव्र असंतोष व्याप्त है। पूर्व में इस अभियान के तहत यदि कोई करदाता अपनी आवासीय संपत्ति कर व अन्य करों की कुल बकाया राशि का 50 प्रतिशत एकमुश्त जमा करता था, तो शेष 50 प्रतिशत राशि माफ की जाती थी।

हालांकि, यह सुविधा केवल 31 दिसंबर तक ही लागू थी। ग्रामीण स्तर पर अभियान की जानकारी समय पर न पहुंच पाने के कारण अनेक नागरिकों को इस कर छूट की जानकारी नहीं मिल सकी। परिणामस्वरूप, कई नागरिकों ने तय समय-सीमा में करों का भुगतान नहीं किया, अब अभियान की कर छूट समाप्त हो चुकी है, जबकि अभियान की अवधि को 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है। लेकिन बढ़ी हुई अवधि में किसी प्रकार की कर में छूट लागू नहीं की गई है।

ऐसे में नागरिकों को अब शत-प्रतिशत कर राशि का भुगतान करना अनिवार्य हो गया है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई ग्राम पंचायतों में अभियान लागू नहीं गौरतलब है कि ग्राम पंचायतों के आर्थिक सशक्तिकरण और गांवों के समग्र विकास के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान लागू किया था।

कई ग्राम पंचायतों में कर वसूली लंबे समय से लंबित थी, जिसके कारण नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इसी पृष्ठभूमि में बकाया कर राशि की एकमुश्त वसूली को प्रोत्साहन देने हेतु यह छूट योजना लागू की गई थी।

अभियान के तहत आवासीय संपत्ति कर, जल कर तथा पथदीप कर के चालू वर्ष की पूरी राशि के साथ 1 अप्रैल 2025 से पूर्व की बकाया का 50 प्रतिशत जमा करने पर शेष 50 प्रतिशत माफ किया जाना था। किंतु जिले की कई ग्राम पंचायतों ने इस अभियान को गंभीरता से लागू नहीं किया।

बकाया पर ब्याज में छूट नहीं मिलेगी

कुछ ग्राम पंचायती ने न तो नागरिकों को इसकी जानकारी दी और न ही विशेष ग्राम सभा आयोजित की। नियमों के अनुसार, कर छूट लागू करने के लिए ग्राम पंचायतों को विशेष ग्राम सभा बुलाकर बहुमत से प्रस्ताव पारित करना आवश्यक था।

कई पंचायतों द्वारा यह प्रक्रिया पूरी न किए जाने के कारण नागरिक इस योजना है कि जिस प्रकार अभियान की अवधि बढ़ाई गई है, उसी प्रकार कर में छूट भी पुनः लागू की जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके, जिप के उप मुकाअ अमोल भौसले ने बताया कि महारा के लाभ से वंचित रह गए इस बीच नागरिकों की मांग है अभियान की कर सवलत 31 दिसंबर तक ही सीमित थी, वर्तमान में कर भुगतान पर किसी प्रकार की छूट लागू नहीं है।

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