लाखों परिवारों को राहत, सरकार का बड़ा फैसला, 2011 तक के सरकारी कब्जे होंगे रेगुलर

Nashik Property Tax: महाराष्ट्र सरकार 2011 तक सरकारी जमीन पर हुए रेजिडेंशियल कब्जों को रेगुलर करेगी। 500 वर्गफुट तक के घर मुफ्त में नियमित होंगे।
Relief for millions of families, the government makes a big decision: government encroachments up to 2011 will be regularized
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Encroachment Regularisation: नासिक राज्य सरकार ने राज्य के लाखों लोगों के लिए एक बहुत जरूरी और सुकून देने वाला फैसला लिया है। अब, 2011 तक सरकारी जमीन पर हुए कब्जे को रेगुलर किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से कई परिवारों के सिर पर छत पक्की हो जाएगी। सरकार प्रॉपर्टी टैक्स के जरिए लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट बॉडी को रेवेन्यू देने की कोशिश कर रही है।

इससे लोकल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ मीडियम और छोटे शहरों में सरकारी जमीन पर रेजिडेंशियल कब्जों को नियमों के मुताबिक रेगुलर करने की पॉलिसी में बदलाव किया गया है, जिससे हर जिले में हजारों परिवारों और राज्य में लाखों परिवारों को राहत मिलेगी।

राज्य सरकार द्वारा घोषित स्पेशल कैंपेन के मुताबिक, सरकारी जमीन पर 500 स्क्वेयर फीट तक के रेजिडेंशियल कब्जों को पूरी तरह से फ्री में रेगुलर किया जाएगा। हालांकि, बाकी जो अतिक्रमण इससे बड़े हैं, उन पर मार्केट वैल्यू के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा।

शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को रेगुलर करना या सरकारी जमीन लीज पर देना। साथ ही, डेवलपमेंट फंड और प्रॉपर्टी टैक्स के जरिए शहरी लोकल बॉडीज की इनकम बढ़ाने के लिए एक पॉलिसी बनाई गई। इसके बाद लिए गए फैसले से कई परिवारों को फायदा होगा।

2011 तक सरकारी जमीन पर बने मकान होंगे वैध

राज्य में कई तरह की सरकारी जमीन पर बहुत ज्यादा अतिक्रमण है, जैसे जिलाधिकारी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली जमीने, जंगल की जमीन, बिना खेती की जमीन और झाड़ियों वाले जंगल। इन अतिक्रमणो की वजह से सरकार को रेवेन्यू का नुकसान होता है, और जमीन हीन लोगों की भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के मकसद को पूरा करने के लिए यह फैसला बहुत जरूरी माना जा रहा है। इस स्कीम में घरों के लिए मालिकाना हक वाली जमीन जरूरी है, जैसे जैसे अतिक्रमण रेगुलर होंगे, जमीन मालिकों के नाम पर जमीन ही जाएगी और वे नए घर बना सकेंगे।

सरकार ने 2011 से पहले हुए कंस्ट्रक्शन की कानूनी सुरक्षा देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन फाइल करने का भी फैसला किया है। इस फैसले से उन लाखों परिवारों को राहत मिलेगी जो सालों से अधर में लटके हुए थे। इन सभी परिवारों को कानूनी तौर पर अपने घरों का मालिक बनने का मौका दिया गया है।

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