शिवसेना किसान राहत (सोर्स: एआई)
ठाणे

ठाणे: किसानों की मदद के लिए शिवसेना ने दीवाली पहाट किया रद्द, 5.55 लाख रुपये की दी आर्थिक सहायता

Kalyan Shiv Sena Farmer Relief: कल्याण शिवसेना ने सूखा प्रभावित किसानों की मदद के लिए अपना पारंपरिक 'दिवाली पहाट' उत्सव रद्द किया। रवि पाटिल फाउंडेशन ने 5,55,555 रुपये का चेक सौंपा।

अशोक वर्मा, आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • कल्याण शहर प्रमुख रवि पाटिल की पहल पर उत्सव रद्द करने का फैसला लिया गया।

  • रवि पाटिल फाउंडेशन ने डॉ. श्रीकांत शिंदे फाउंडेशन को चेक सौंपा।

  • किसानों की सहायता के लिए 5,55,555 रुपये की राशि दी गई।

Diwali Pahat Cancelled Farmer Relief Donation: राज्य में सूखे की स्थिति से जूझ रहे किसानों की मदद के लिए, शिवसेना की कल्याण शहर इकाई ने शहर प्रमुख रवि पाटिल की पहल पर इस साल अपना पारंपरिक ‘दीवाली पहाट’ (दीवाली की सुबह होने वाला उत्सव) रद्द करने का फैसला किया है। त्योहार मनाने के बजाय, शिवसेना ने किसानों की आर्थिक मदद करने का रास्ता चुना है।

सूखा प्रभावित किसानों की मदद को दी प्राथमिकता

राज्य के कई हिस्सों में सूखे की स्थिति के कारण किसान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। फसल खराब होने और आर्थिक परेशानियों के चलते उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने की चुनौती खड़ी हो गई है।

इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए शिवसेना की ठाणे जिले की कल्याण शहर इकाई ने इस वर्ष पारंपरिक उत्सव पर खर्च करने के बजाय किसानों की सहायता करने का निर्णय लिया।

शहर इकाई का मानना है कि त्योहारों की खुशियां तभी सार्थक होंगी, जब संकट का सामना कर रहे किसानों को भी आर्थिक सहारा मिल सके। इसी सोच के तहत 'दिवाली पहाट' कार्यक्रम रद्द किया गया।

किसानों की मदद के लिए 5.55 लाख रुपये का चेक सौंपा

इस पहल के तहत रवि पाटिल फाउंडेशन ने सूखा प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से डॉ. श्रीकांत शिंदे फाउंडेशन को 5 लाख 55 हजार 555 रुपये का चेक सौंपा। यह सहयोग शिवसेना की कल्याण शहर इकाई के शहर प्रमुख रवि पाटिल की पहल पर संभव हो सका।

किसानों की मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए रवि पाटिल ने उत्सव पर होने वाले खर्च को जरूरतमंदों की मदद में लगाने का निर्णय लिया था। इसी सोच के तहत फाउंडेशन ने यह आर्थिक योगदान दिया। इस पहल का उद्देश्य संकट से जूझ रहे किसानों को राहत पहुंचाने के प्रयासों में सहयोग करना है।

शिवसेना ने यह फैसला इसलिए लिया ताकि जब बाकी लोग दीवाली मना रहे हों, तब संकट में फंसे किसानों को भी सहारा मिल सके। इस कदम के जरिए, पार्टी ने अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता दिखाई है और किसान समुदाय के साथ एकजुटता का संदेश दिया है।

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