

कॉलेज में 4 नवंबर को सांस्कृतिक समन्वयकों की बैठक आयोजित हुई।
मुंबई के 15 से अधिक प्रमुख कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया।
महोत्सव 12 जनवरी 2027 को शहाड़ स्थित विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर में होगा।
BK Birla College Kalyan 2027: भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को संरक्षित करने और युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, कल्याण स्थित बी. के. बिड़ला कॉलेज ने प्रतिष्ठित ‘नालंदा डांस रिसर्च सेंटर’ के सहयोग से ‘परंपरा’ नामक एक शास्त्रीय नृत्य महोत्सव की शुरुआत की है।
बी.के. बिड़ला की 106वीं जयंती के अवसर पर 'परंपरा' शास्त्रीय नृत्य महोत्सव की घोषणा की गई थी। इसी कड़ी में 4 नवंबर को कल्याण स्थित बी.के. बिड़ला कॉलेज में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इसमें मुंबई के विभिन्न कॉलेजों के सांस्कृतिक समन्वयकों ने हिस्सा लिया।
ठाणे जिले में हो रहे इस बैठक का मुख्य उद्देश्य महोत्सव की रूपरेखा तैयार करना, आयोजन की व्यवस्थाओं पर चर्चा करना और अधिक से अधिक युवा कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित करना था। इस दौरान प्रतिभागी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए और सहयोग का भरोसा जताया।
कॉलेज के ‘सेंटर फॉर यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़’ (Centre for Universal Human Values) के अंतर्गत आयोजित इस पहल का लक्ष्य युवा कलाकारों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विभिन्न शैलियों में अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक मंच प्रदान करना और उन्हें भारत की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
गौरतलब है कि कॉलेज के स्थापना दिवस पर पद्म भूषण राजश्री बिड़ला ने इस केंद्र का डिजिटल उद्घाटन किया था। इस बैठक में मुंबई शहर के 15 से अधिक प्रमुख कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें एच. आर. कॉलेज, हिंदुजा कॉलेज, सोमैया कॉलेज, एस.एन.डी.टी. कॉलेज, ठाकुर कॉलेज और एम.सी.सी. कॉलेज शामिल थे। सभी प्रतिभागी संस्थानों ने इस सांस्कृतिक प्रयास के लिए अपना समर्थन और सहयोग देने की बात कही।
यह अंतर-कॉलेज शास्त्रीय नृत्य महोत्सव 12 जनवरी, 2027 को शहाड़ स्थित विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर (बिड़ला मंदिर) में आयोजित किया जाएगा। बेहतरीन नृत्य प्रदर्शन के लिए आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे, जिसका उद्देश्य युवा कलाकारों का उत्साह बढ़ाना और उनके कलात्मक कौशल को सम्मानित करना है।