Maratha Kranti Morcha protest (सोर्सः सोशल मीडिया) 
सोलापुर

सोलापुर में मराठा क्रांति मोर्चा की ‘काली रंगपंचमी’, मेयर पद को लेकर भाजपा पर आरोप

Black Rangpanchami Solapur: सोलापुर में मराठा क्रांति मोर्चा ने मेयर पद को लेकर भाजपा नेताओं पर आरोप लगाते हुए रंगपंचमी के दिन काली रंगपंचमी मनाकर विरोध जताया।

आंचल लोखंडे

Solapur News: आज पूरे महाराष्ट्र में रंगपंचमी का त्योहार उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में लोग एक-दूसरे पर रंगों की बौछार कर इस पर्व की खुशियां मना रहे हैं। हालांकि, सोलापुर में मराठा क्रांति मोर्चा ने विरोध स्वरूप काली रंगपंचमी मनाई। यह विरोध स्थानीय भाजपा नेताओं के खिलाफ किया गया है, क्योंकि मराठा समुदाय को सोलापुर नगर निगम में मेयर पद का मौका नहीं दिया गया।

बताया जा रहा है कि 1993 के बाद पहली बार मराठा समुदाय को सोलापुर में मेयर पद मिलने की संभावना बनी थी। लेकिन मराठा क्रांति मोर्चा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय भाजपा नेताओं ने यह अवसर अपने ही रिश्तेदारों को दे दिया।

सोलापुर सहित पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन

मराठा क्रांति मोर्चा के समन्वयक राम जाधव ने कहा कि सोलापुर नगर निगम में ढाई साल के कार्यकाल में से डेढ़ साल के लिए मेयर पद मराठा समुदाय को दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिला परिषद का अध्यक्ष भी कुनबी-मराठा समुदाय से बनाया जाए। जाधव ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो सोलापुर सहित पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस साल सोलापुर में मेयर पद सामान्य (जनरल) श्रेणी के लिए आरक्षित था, जिसके कारण इस पद को लेकर काफी खींचतान देखने को मिली। अंततः भाजपा ने पालक मंत्री जयकुमार गोरे के नेतृत्व में अपना मेयर चुना।

भाजपा के पास सबसे ज्यादा 87 कॉर्पोरेटर

भाजपा के विनायक कोंड्याल को सोलापुर का मेयर निर्विरोध चुना गया है। पीठासीन अधिकारी ने घोषणा की कि शिवसेना के प्रियदर्शन साठे और एआईएमआईएम के तौफीक हतूरे ने अंतिम समय में अपने नामांकन वापस ले लिए, जिसके बाद कोंड्याल को निर्विरोध मेयर घोषित किया गया।

इसी तरह ज्ञानेश्वरी देवकर को भी निर्विरोध डिप्टी मेयर चुना गया। सोलापुर नगर निगम में 87 कॉर्पोरेटर जीतने के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उसके पास स्पष्ट बहुमत है। खास बात यह है कि 8 कॉर्पोरेटर जीतने के साथ AIMIM दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है और नगर निगम में प्रमुख विपक्ष की भूमिका निभा रही है।

सोलापुर में कांग्रेस के सिर्फ 2 कॉर्पोरेटर

सोलापुर नगर निगम के 102 कॉर्पोरेटरों में से कांग्रेस के केवल दो कॉर्पोरेटर चुने गए हैं। कभी सोलापुर की राजनीति में मजबूत रही कांग्रेस अब काफी कमजोर स्थिति में दिखाई दे रही है। वहीं भाजपा की ताकत शहर में लगातार बढ़ती नजर आ रही है, जबकि AIMIM ने दूसरा स्थान हासिल कर अपनी मौजूदगी फिर से मजबूत साबित की है।

Explainer: कब-कब विवादों में घिरे धीरेंद्र शास्त्री? 10 बयानों पर हुआ विरोध, कई बार मांगनी पड़ी माफी

Diwali Trains: मुंबई-नागपुर के बीच 12 और स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, 4 नवंबर से शुरू होगी बुकिंग; जानिए शेड्यूल

राहुल ने PM मोदी को दी खुली चुनौती: बोले- डरिए मत, मंच पर आमने-सामने बैठिए; राजनाथ-समेत 4 नेताओं से की अपील

SIR: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब तो भी भर सकेंगे फॉर्म-6, चुनाव आयोग ने दी बड़ी राहत

दिवाली-छठ पर यूपी-बिहार वालों को ट्रेनों में मिल सकता है कन्फर्म टिकट, रेलवे चला रहा करीब 2,000 स्पेशल ट्रेनें