PSO विदीप जाधव का अंतिम संस्कार (सौजन्य-एक्स) 
सातारा

अजित पवार के साथ शहीद हुए PSO विदीप जाधव पंचतत्व में विलीन, मासूम बेटे ने दी मुखाग्नि, देखें VIDEO

PSO Vidip Dilip Jadhav Funeral: अजित पवार के साथ शहीद हुए PSO विदीप जाधव का सतारा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार। मासूम बेटे ने दी मुखाग्नि। गमगीन माहौल में दी गई वीर जवान को विदाई।

प्रिया जैस

Vidip Dilip Jadhav Satara Funeral: बारामती में हुए दर्दनाक चार्टर प्लेन हादसे ने महाराष्ट्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार के साथ-साथ उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) विदीप दिलीप जाधव की भी असमय मौत हो गई। विदीप जाधव का अंतिम संस्कार बुधवार देर रात सतारा जिले के उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान और गमगीन माहौल में किया गया। उनके छोटे बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी।

विदीप जाधव उसी दुर्भाग्यपूर्ण चार्टर प्लेन में सवार थे, जो बारामती में क्रैश हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की जान चली गई, जिनमें क्रू मेंबर पिंकी माली और दो पायलट भी शामिल थे। इस त्रासदी ने न केवल राजनीतिक जगत को, बल्कि पुलिस महकमे को भी गहरा आघात पहुंचाया है।

सतारा के निवासी थे पीएसओ

मुंबई पुलिस में कार्यरत विदीप जाधव वर्ष 2009 बैच के अनुशासित पुलिस कांस्टेबल थे। मूल रूप से सतारा जिले के लोनांद गांव के निवासी जाधव फिलहाल ड्यूटी के चलते मुंबई के कलवा इलाके में परिवार के साथ रह रहे थे। उन्हें एक शांत, कर्तव्यनिष्ठ और जिम्मेदार अधिकारी के रूप में जाना जाता था, जो हर हाल में अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बताया जा रहा है कि हादसे वाले दिन सुबह पड़ोसियों ने विदीप जाधव को रोज़ की तरह ड्यूटी पर जाते देखा था। जैसे ही विमान दुर्घटना की खबर टीवी पर आई, उनकी मां बेसुध हो गईं। इसके बाद कलवा पुलिस ने परिवार को सूचित किया और उन्हें बारामती ले जाया गया।

विदीप जाधव के परिवार में पत्नी, एक बेटा, एक बेटी और माता-पिता हैं। उनकी पत्नी उस समय पनवेल में मायके गई हुई थीं। खबर मिलते ही परिवार के सभी सदस्य सदमे में आ गए। अंतिम संस्कार के दौरान गांव में शोक की लहर थी और हर आंख नम नजर आई।

पड़ोसियों और सहकर्मियों के अनुसार, विदीप जाधव बेहद मिलनसार और मददगार स्वभाव के थे। पुलिस की नौकरी में रहते हुए भी वे आम लोगों की सहायता के लिए हमेशा आगे रहते थे। अब स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों ने सरकार से मांग की है कि शहीद पुलिसकर्मी के परिवार को समुचित आर्थिक सहायता और सरकारी संरक्षण दिया जाए।

यह हादसा उस समय हुआ था, जब अजीत पवार जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के सिलसिले में कैंपेन मीटिंग के लिए बारामती जा रहे थे। यह दुर्घटना एक बड़े नेता के साथ-साथ एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी की शहादत की भी दर्दनाक कहानी बन गई है।

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