अजित पवार। इमेज-सोशल मीडिया 
पुणे

वो मराठा नेता, जो महाराष्ट्र की सत्ता से कभी नहीं हुआ बाहर, अजित पवार ने चाचा से भी कर दी थी बगावत

Ajit Pawar Latest Updates : महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और एनसीप के प्रमुख अजीत पवार का प्लेन बारामती में आपातकालीन लैंडिंग के प्रयास के दौरान क्रैश हो गया। इस दुर्घटना में उनकी मौत हो गई।

रंजन कुमार

Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र की राजनीति का कद्दावर स्तंभ आज ढह गया। राज्य के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी (अजीत गुट) के प्रमुख अजित पवार के विमान हादसे में दुखद मौत हो गई है। बारामती एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा मुंबई से उड़ान भरने के ठीक एक घंटे बाद, सुबह करीब 9 बजे पेश आया। इस त्रासदी में दो पायलटों और दो यात्रियों समेत 5 लोगों ने जान गंवाई है।

अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर के देवलाली प्रवरा गांव में हुआ था। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े अजित ने किसानों की समस्याओं को बहुत करीब से देखा था। उनके पिता अनंतराव पवार मुंबई के मशहूर राजकमल स्टूडियो में कार्यरत थे। पिता के असामयिक निधन ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया, जिसके कारण अजित पवार को अपनी पढ़ाई एसएससी के बाद छोड़नी पड़ी। छोटी उम्र में ही कंधे पर आई जिम्मेदारी ने उन्हें जमीन से जुड़े नेता के रूप में तैयार किया।

चाचा की विरासत और अपनी पहचान

अजित पवार का राजनीति में प्रवेश उनके चाचा शरद पवार के मार्गदर्शन में हुआ। 1982 में जब शरद पवार राज्य की राजनीति में स्थापित हो रहे थे, तब 23 साल की उम्र में अजित पवार ने सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड सदस्य के रूप में अपनी पारी शुरू की। यहीं से उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नब्ज पहचानी।

विद्रोह, वापसी और सत्ता का खेल

अजित पवार का राजनीतिक सफर 2019 में एक बड़े मोड़ पर पहुंचा। उन्होंने पहली बार अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ विद्रोह का झंडा बुलंद किया और देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर सुबह-सुबह उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सबको चौंका दिया। वैसे, वह सरकार महज तीन दिन चली। इसके बाद वह वापस लौटे और महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार में फिर से डिप्टी सीएम बने। जुलाई 2023 में इतिहास ने खुद को दोहराया। अजित पवार ने फिर बगावत की और पार्टी को दो फाड़ करते हुए भाजपा-शिंदे सरकार में शामिल हो गए।

वजूद की लड़ाई और बड़ी जीत

2024 के लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कई लोगों ने उनके राजनीतिक करियर पर सवाल उठाए थे। लेकिन 2024 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने सबको गलत साबित कर दिया। महायुति गठबंधन की जीत में उन्होंने 41 सीटें जीतकर यह स्पष्ट कर दिया कि 'दादा' महाराष्ट्र की राजनीति के असली खिलाड़ी हैं।

व्यक्तिगत जीवन

अजित पवार का विवाह सुनेत्रा पवार से हुआ था। उनके दो बेटे हैं-जय पवार, जो व्यापार संभालते हैं और पार्थ पवार, जिन्होंने राजनीति की राह चुनी। पार्थ ने 2019 में मावल सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था। वैसे, उन्हें वहां सफलता नहीं मिली थी।

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