शिरूर एपीएमसी चुनाव मतदाता सूची विवाद  सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

शिरूर APMC चुनाव में बड़ा फेरबदल, 71 ग्राम पंचायतों के 712 सदस्यों के नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए

Voter List Dispute: शिरूर APMC चुनाव से पहले जिला चुनाव अधिकारी प्रकाश जगताप ने बड़ा फैसला लेते हुए 71 ग्राम पंचायतों के 712 पूर्व सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए हैं।

रूपम सिंह

Shirur APMC Election Voter List Dispute: शिरूर कृषि उत्पन्न बाजार समिति के आगामी पंचवार्षिक चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर नया कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों के बीच पुणे के जिला चुनाव अधिकारी एवं जिला उपनिबंधक

प्रकाश जगताप ने आदेश जारी कर शिरूर तहसील की 78 में से 71 ग्राम पंचायतों के 712 सदस्यों के नाम अंतिम मतदाता सूची से हटा दिए हैं। इस फैसले के बाद बाजार समिति के चुनावी समीकरण बदलने की संभावना है।

आपत्ति के बाद शुरू हुआ विवाद

यह पूरा मामला ग्राहक पंचायत के अध्यक्ष बालासाहेब बाबूराव चव्हाण की ओर से दर्ज कराई गई आपत्ति के बाद सामने आया। चव्हाण ने दावा किया था कि जिन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और 8 सितंबर के राजपत्र के अनुसार वहां प्रशासकों की नियुक्ति की गई है, उन पंचायतों के सदस्यों को बाजार समिति चुनाव में मतदान का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए।

71 ग्राम पंचायतों के सदस्य प्रभावित

जिला चुनाव अधिकारी के आदेश के बाद शिरूर तहसील की कुल 78 ग्राम पंचायतों में से 71 ग्राम पंचायतों के 712 सदस्यों के नाम अंतिम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए हैं।

इससे चुनाव में मतदान का अधिकार रखने वाले सदस्यों की संख्या प्रभावित हुई है और विभिन्न राजनीतिक गुटों के चुनावी समीकरण भी बदल सकते हैं।

गुट विकास अधिकारी की अलग राय

इस मामले में शिरूर के गुट विकास अधिकारी ने चुनाव प्राधिकरण के 4 फरवरी के नियमों का हवाला दिया था। उनका कहना था कि 1 फरवरी 2026 की अर्हता तिथि को जो सदस्य पद पर कार्यरत थे, उनकी सूची को ही मान्य माना जाना चाहिए। इस राय के बावजूद जिला स्तर पर अंतिम मतदाता सूची में बदलाव का आदेश जारी किया गया।

हाईकोर्ट के निर्देशों के बीच बढ़ा विवाद

मुंबई उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद मतदाता सूची में किए गए इस बदलाव ने विवाद को और बढ़ा दिया है। अब यह मामला केवल चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें प्रशासनिक आदेश, पंचायतों की स्थिति और मतदान के अधिकार जैसे कानूनी पहलू भी जुड़ गए हैं।

चुनावी समीकरण पर पड़ेगा असर

712 सदस्यों के नाम हटने से शिरूर कृषि उत्पन्न बाजार समिति के आगामी चुनाव में कई उम्मीदवारों और राजनीतिक गुटों की रणनीति प्रभावित हो सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि मतदाता सूची को लेकर आगे क्या कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाते हैं।

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