

Maharashtra Mantralaya Deputation: महाराष्ट्र मंत्रालय में मंत्रियों के कार्यालयों में कामकाज बढ़ने के साथ प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है।
सरकार के इस कदम के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासतौर पर मंत्रियों की पसंद के अधिकारियों को इन पदों पर तैनाती मिलने की संभावनाओं को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
14 जनवरी 2025 के शासन निर्णय के अनुसार मुख्यमंत्री सचिवालय के लिए 164 और उपमुख्यमंत्री कार्यालय के लिए 72 पद स्वीकृत हैं।
इसके अलावा कैबिनेट मंत्रियों के कार्यालयों के लिए 16-16 और राज्य मंत्रियों के कार्यालयों के लिए 14-14 पद मंजूर किए गए हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय समेत सभी मंत्री कार्यालयों में सीधे प्रतिनियुक्ति के कुल 904 पद पहले से स्वीकृत हैं।
मंत्रियों के कार्यालयों में प्रशासनिक कामकाज लगातार बढ़ रहा है। नागरिकों की बढ़ती आवाजाही के साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और फाइलों से जुड़े कार्यों का दबाव भी बढ़ा है।
मंत्रियों का कहना है कि मौजूदा कर्मचारी संख्या बढ़ते काम के मुकाबले पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से सरकार के सामने प्रतिनियुक्ति के पद बढ़ाने की मांग रखी गई है।
मंत्रियों की मांग के बाद मौजूदा कर्मचारी ढांचे में संशोधन की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सामने आई है। अब महाराष्ट्र सरकार कितने नए पदों को मंजूरी देती है, इस पर सभी की नजर है। नए पद स्वीकृत होने के बाद विभिन्न विभागों से अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर मंत्री कार्यालयों में तैनात किया जा सकता है।
नए पदों के संभावित सृजन के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि इन पदों पर किन अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि मंत्रियों की पसंद के अधिकारियों को भी इन पदों पर तैनाती का अवसर मिल सकता है। हालांकि, नियुक्तियों को लेकर अंतिम निर्णय सरकार की ओर से लिया जाना बाकी है।
प्रतिनियुक्ति के पद बढ़ाने का फैसला होने पर मंत्रालय के मंत्री कार्यालयों का मौजूदा स्टाफ ढांचा बदल जाएगा। इससे मंत्रियों के कार्यालयों में प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। फिलहाल नए पदों की संख्या और संभावित नियुक्तियों को लेकर मंत्रालय के प्रशासनिक एवं राजनीतिक गलियारों में गतिविधियां तेज हो गई हैं।