

Devendra Fadnavis Marathi Knowledge Language: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मराठी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की संस्कृति और इतिहास की साक्षी है। सरकार का लक्ष्य मराठी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और
बायोटेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में सक्षम ज्ञानभाषा के रूप में विकसित करना है। उन्होंने यह बात चर्चगेट स्थित पाटकर सभागार में ‘अभिजात मराठी भाषा सप्ताह’ के उद्घाटन समारोह में कही।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि लंदन में ‘छत्रपति शिवाजी महाराज वैश्विक मराठी केंद्र’ स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगला विश्व मराठी साहित्य सम्मेलन भी लंदन में आयोजित किया जाएगा। शिंदे ने लोगों से जन्मदिन और अन्य विशेष अवसरों पर पुष्पगुच्छ की जगह मराठी पुस्तकें भेंट करने की अपील की।
मंत्री उदय सामंत ने बताया कि डेक्कन यूनिवर्सिटी में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा मराठी की विभिन्न बोलियों के 100 कोश और नौ मराठी कौशल विकास केंद्र बनाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मराठी मंचों की संख्या 52 हो चुकी है, जिसे बढ़ाकर 75 करने का लक्ष्य रखा गया है। साहित्य संग्रहालय और मराठी भाषा भवन का काम भी जारी है।
कार्यक्रम में सचिव किरण कुलकर्णी ने बताया कि मराठी विश्वकोश इसी महीने डिजिटल रूप में पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। समारोह में ‘मराठीचे कौतुक भाग-2’ का विमोचन भी किया गया। डिजिटल माध्यम के जरिए मराठी साहित्य और ज्ञान सामग्री को देश-दुनिया के लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मराठी दुनिया की 13वीं सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है। उनके अनुसार मराठी ज्ञानकोश और शब्दरत्नाकर में करीब 11 से 13 लाख शब्द हैं, जबकि राज्य के शब्दकोश में लगभग 3 लाख शब्द हैं। उन्होंने मराठी की शब्द-संपदा को 13 लाख शब्दों तक बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठी की विभिन्न बोलियों और रंगमंच की समृद्ध परंपरा को संरक्षित करने की जरूरत भी बताई। सरकार का जोर भाषा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ उसकी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने पर है।