वनराज आंदेकर हत्याकांड (सौ. सोशल मीडिया )
Pune special Court MCOCA Hearing: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पूर्व नगरसेवक वनराज आंदेकर की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुणे की विशेष अदालत में 21 आरोपियों पर आरोप तय करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
अभियोजन पक्ष ने स्पष्ट किया कि यह हत्या केवल एक हमला नहीं, बल्कि पारिवारिक संपत्ति विवाद, आपराधिक गैंगवार और इलाके में आर्थिक वर्चस्व कायम करने की एक गहरी साजिश का नतीजा थी।
मामले में मुख्य आरोपी के रूप में वनराज की सगी बहन संजीवनी कोमकर, उनके पति जयंत कोमकर और गिरोह के सरगना सोमनाथ उर्फ सोम्या गायकवाड सहित अन्य सहयोगी शामिल हैं।
39 गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज पेश
- विशेष सरकारी वकील उज्ज्वला पवार ने अदालत को बताया कि इस हत्याकांड की जड़ें पुरानी रंजिशों में दफन हैं। अभियोजन के अनुसार, आरोपी सोमनाथ गायकवाड इस बात से नाराज था कि वनराज के राजनीतिक प्रभाव के कारण उसके विरोधी गुट (आंदेकर गिरोह) के सदस्यों को जमानत मिल गई थी।
- साथ ही, पारिवारिक संपत्तियों को लेकर भाई-बहन के बीच चल रहा विवाद और महानगर पालिका द्वारा संजीवनी कोमकर की दुकान पर की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई ने आग में घी का काम किया।
- पुलिस ने साक्ष्य के रूप में 39 गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डेटा (सीडीआर) और हथियार बरामदगी की रिपोर्ट पेश की है। आरोप है कि साजिश के तहत आरोपियों ने पहले इलाके की बिजली काटी और फिर वनराज पर अंधाधुंध गोलियां चलाकर और कोयते से हमला कर उनकी हत्या कर दी। 'मकोका' के तहत चल रही इस सुनवाई पर पूरे शहर की नजरें टिकी हैं।