पुणे महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया ) 
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Pune Municipal महापौर पद पर आज सस्पेंस खत्म, भाजपा किस महिला चेहरे पर लगाएगी मुहर?

Maharashtra Politics: पुणे महानगरपालिका में महापौर और उपमहापौर पद को लेकर सियासी हलचल तेज है। भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत होने से चुनाव औपचारिक माना जा रहा है, लेकिन चेहरे को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

अपूर्वा नायक

Pune Mayor Election News: पुणे महानगर पालिका में महापौर और उपमहापौर पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। शहर का अगला प्रथम नागरिक कौन होगा, इस पर से आज सस्पेंस खत्म होने की पूरी उम्मीद है।

विशेष रूप से यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा किस महिला नगरसेविका को इस महत्वपूर्ण पद के लिए चुनती है और क्या इसके पीछे किसी विशेष 'फॉर्मूला' का हाथ होगा।

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि गठबंधन धर्म निभाते हुए भाजपा उपमहापौर का पद अपनी सहयोगी पार्टी आरपीआई (आठवले गुट) को सौंप सकती है।

चुनाव महज औपचारिकता

महापौर और उपमहापौर पद के चुनाव के लिए 9 फरवरी की तारीख तय की गई है, जबकि नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 3 फरवरी को संपन्न होगी। चूंकि महानगर पालिका में भाजपा के पास 165 में से 119 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत है, इसलिए इन दोनों पदों पर भाजपा का वर्चस्व सुनिश्चित माना जा रहा है। ऐसी स्थिति में चुनाव महज एक औपचारिकता ही नजर आता है। वर्तमान में पार्टी के भीतर और बाहर मुख्य चर्चा इस बात पर केंद्रित है कि नेतृत्व किसी अनुभवी चेहरे को प्राथमिकता देगा या किसी नए चेहरे पर दांव लगाकर सबको चौंका देगा। महापौर का पद इस बार सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है, जिससे दावेदारों की कतार लंबी हो गई है। संभावित नामों में चार बार की निर्वाचित सदस्य वर्षा तापकीर और रंजना टिलेकर के साथ-साथ तीन बार की पार्षद मंजुषा नागपुरे, स्मिता वस्ते और मानसी देशपांडे के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने की बैठक

दूसरी ओर, संगठन को मजबूती देने के उद्देश्य से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने पुणे जिला परिषद चुनाव के परिप्रेक्ष्य में प्रमुख पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि वे बड़े आयोजनों के बजाय घर-घर जाकर नागरिकों से सीधा संपर्क करें, उन्होंने छोटी बैठकों और स्थानीय सम्मेलनों के माध्यम से जमीनी स्तर पर प्रचार अभियान चलाने पर जोर दिया।

भाजपा में लागू हो सकता है रोटेशन फॉर्मूला

सूत्रों के अनुसार, पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार के असंतोष को रोकने के लिए प्रथम ढाई वर्षों के कार्यकाल में तीन अलग-अलग महिलाओं को दस-दस महीने का अवसर देने का 'रोटेशन फॉर्मूला' अपनाया जा सकता है। जहां भाजपा इस चुनाव को निर्विरोध संपन्न कराने की कोशिश में जुटी है, वहीं विपक्षी खेमे में भी मंथन जारी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है, जबकि कांग्रेस द्वारा दोनों पदों पर अपने प्रत्याशी उतारने की संभावना जताई जा रही है।

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