पुणे एयरपोर्ट (सौजन्य-एक्स, कंसेप्ट फोटो) 
पुणे

Pune Airport बना वेस्ट इंडिया का नया कार्गो हब, फार्मा और एक्सपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा

Pune Airport पर एयर कार्गो मूवमेंट में 33% की वृद्धि देखने के लिए मिली है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया का लक्ष्य 2026 तक 10,000 टन मासिक क्षमता का संचालन करना है।

अपूर्वा नायक

Pune News In Hindi: पुणे एयरपोर्ट पर एयर कार्गो मूवमेंट में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिल रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़े बताते हैं कि पुणे अब न केवल यात्री उड़ानों के लिए बल्कि कार्गो संचालन के लिए भी पश्चिम भारत का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

एयर कार्गो की यह तेजी न केवल व्यापारिक गतिविधियों की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि पुणे एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में पश्चिम भारत का एक महत्वपूर्ण कार्यों गेटवे बनकर उभर रहा है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी का लक्ष्य है कि 2026 तक कार्गो हैंडलिंग क्षमता को 10,000 मैट्रिक टन प्रति माह तक बढ़ाया जाए, जिससे स्थानीय उद्योगों और निर्यातकों को और अधिक सुविधा मिलेगी। पुणे एयरपोर्ट की यह सफलता न केवल शहर की आर्थिक प्रगति का प्रतीक है, बल्कि यह पूरे महाराष्ट्र के लिए विकास और अवसरों का नया द्वार खोल रही है।

फार्मास्यूटिकल्स व नाशवान उत्पादों के परिवहन में तेजी

आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 में कुल 4,792.5 मीट्रिक टन कार्गो का संचालन हुआ जबकि पिछले वर्ष सितंबर 2024 में यह आंकड़ा 3,612.2 मैट्रिक टन था। यानी कार्गो मूवमेट में करीब 33% की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि पुणे की औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियाँ लगातार गति पकड़ रही है, अक्टूबर 2025 में (26 अक्टूबर तक) एयरपोर्ट ने 4,040 मीट्रिक टन कार्गो हैडल किया है, जो पिछले वर्ष अक्टूबर में दर्ज कुल 4,309.7 मैट्रिक टन के लगभग बराबर है। जानकारों का अनुमान है कि महीने के अंत तक यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी आगे निकल जाएगा। AAI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कार्गो संचालन में लगातार हो रही वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि पुणे अब पश्चिम भारत का एक प्रमुख लॉजिस्टिक हब बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर हाल ही में कई सुविधाओं का आधुनिकीकरण किया गया है, जिनमें अत्याधुनिक कार्गो टर्मिनल बिल्डिंग, स्मार्ट स्कैनिंग सिस्टम और कोल्ड स्टोरेज चैन इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है। इससे फार्मास्यूटिकल्स और नाशवान उत्पादों के परिवहन में तेजी आई है।

बढ़ता आर्थिक महत्व

जानकारों का मानना है कि पुणे की औद्योगिक, फार्मा और टेक्नोलॉजी इकाइयों की मांग के चलते एयर कार्गो मूवमेंट में और वृद्धि होगी, शहर की भौगोलिक स्थिति, मुंबई-नागपुर के बीच का सामरिक स्थान और विकसित होती सड़क कनेक्टिविटी इसे राष्ट्रीय कार्गो हब बनने की दिशा में आगे बढ़ा रही है।

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