PCMC Police Warning On Tenant Verification: औद्योगिक नगरी और आईटी हब के रूप में विख्यात पिंपरी-चिंचवड शहर की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अब बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है।
शहर में बढ़ते अपराधों और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि किराएदारों की जानकारी पुलिस को न देना अब घर मालिकों को महंगा पड़ सकता है।
नए निर्देशों के अनुसार, यदि कोई किराएदार किसी गंभीर अपराध में संलिप्त पाया जाता है और संबंधित मकान मालिक ने उसकी जानकारी स्थानीय पुलिस थाने में जमा नहीं कराई है, तो उस मकान मालिक को भी आरोपी के समान ही कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।
पिंपरी-चिंचवड़ एक ऐसा क्षेत्र है, जहां देश के कोने-कोने से हजारों लोग रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश में आते हैं। तेजी से बढ़ती आबादी और औद्योगिक विस्तार के कारण यहां किराए के मकानों की मांग हमेशा बनी रहती है।
हालांकि, पुलिस की जांच में यह चिंताजनक तथ्य सामने आया है कि कई मकान मालिक केवल आर्थिक लाभ के लालच में बिना किसी पृष्ठभूमि की जांच किए अनजान लोगों को अपनी संपत्ति किराए पर दे देते हैं। पहले भी इस शहर से बांग्लादेशी नागरिकों, नक्सली संगठनों से जुड़े संदिग्धों और असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि मकान मालिकों को अपने ही घर में रहने वाले लोगों की असल पहचान और उनकी संदिग्ध गतिविधियों की भनक तक नहीं थी।
मकान मालिकों द्वारा बिना किसी जांच-पड़ताल के किराएदार रखना एक गंभीर सुरक्षा चूक है। किराएदार का पहचान पत्र, स्थायी पता और कार्यस्थल की जानकारी स्थानीय पुलिस स्टेशन को देना अनिवार्य है। शहर की शांति और सुरक्षा के लिए नियमों का उल्लंघन करने वाले मकान मालिकों पर अब कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। - डॉ। शिवाजी पवार, पुलिस उपायुक्त, पिपरी-चिंचवड़
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हाल ही में चाकण एमआईडीसी के खालुंबे क्षेत्र में हुई एक हृदयविदारक घटना ने पुलिस प्रशासन को इस दिशा में कठोर निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया है। एक साढ़े तीन वर्षीय बालक के साथ हुए अप्राकृतिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो पता चला कि आरोपी की कोई भी जानकारी रिकॉर्ड पर मौजूद नहीं थी। पुलिस ने इस मामले में कड़ा उदाहरण पेश करते हुए न केवल आरोपी के मकान मालिक पर, बल्कि पीड़ित परिवार के मकान मालिक पर भी नियमों के उल्लंघन के तहत केस दर्ज किया है।