बुधवार पेठ में रह रहीं बांग्लादेशी महिलाओं को एक सवाल पूछ कर पुलिस ने पकड़ा, जानें किस सवाल ने खोली पोल?

Bangladeshi Women Arrested: पुणे के बुधवार पेठ में पुलिस ने 5 बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। केवल दो सवाल पूछने पर उनकी असलियत सामने आई। जानें क्या थे वो दो सवाल?
Police apprehended Bangladeshi women residing in Budhwar Peth after asking them a single question a question that exposed their true identities.
पुलिस कार्रवाई की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
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Pune Crime News: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हाल ही में पुणे के प्रसिद्ध रेड लाइट एरिया, बुधवार पेठ में फरासखाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 5 बांग्लादेशी महिलाओं को हिरासत में लिया है (Bangladeshi Women Arrested)। यह कार्रवाई पुलिस के एक विशेष कॉम्बिंग ऑपरेशन का हिस्सा थी, जिसे रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक चलाया गया।

दो सवालों ने खोली पोल

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बुधवार पेठ स्थित माचिस बिल्डिंग और उसके आसपास के इलाकों में जब तलाशी अभियान शुरू हुआ, तो पुलिस को कुछ महिलाओं के बोलने के लहजे पर संदेह हुआ। उनकी भाषा पश्चिम बंगाल की बंगाली से थोड़ी अलग थी और उसमें बांग्लादेशी पुट साफ नजर आ रहा था।

जब पुलिस ने उनसे पूछताछ की, तो इन महिलाओं ने दावा किया कि वे पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। संदेह दूर करने के लिए पुलिस ने उनसे दो बेहद साधारण लेकिन महत्वपूर्ण सवाल पूछे। जब महिलाओं से भारत का राष्ट्रगान (जन गण मन) गाने को कहा गया, तो वे पूरी तरह खामोश हो गईं। उन्हें राष्ट्रगान की पंक्तियां तक याद नहीं थीं। फिर भारत के प्रधानमंत्री का नाम पूछने पर भी वे कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाईं।

इसके अलावा जब उनसे पश्चिम बंगाल के उनके कथित गांवों और आसपास के जिलों के नाम पूछे गए, तो वे घबरा गईं और कोई जवाब नहीं दे सकीं। इन सवालों ने यह साफ कर दिया कि वे भारतीय नागरिक नहीं, बल्कि अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आई बांग्लादेशी नागरिक हैं।

देह व्यापार के अवैध धंधे में थीं शामिल

डीसीपी कृषिकेश रावले ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि ये पांचों महिलाएं अवैध रूप से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुई थीं। जांच में यह भी सामने आया है कि ये महिलाएं स्वेच्छा से देह व्यापार के धंधे में शामिल थीं। उनके पास भारत में रहने के लिए कोई भी वैध पासपोर्ट, वीजा या पहचान पत्र उपलब्ध नहीं था। फरासखाना पुलिस ने उनके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुणे में बांग्लादेशियों की बढ़ती तादाद

पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के मार्गदर्शन में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ यह अभियान बेहद आक्रामक तरीके से चलाया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले 11 महीनों में पुणे शहर से कुल 95 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया जा चुका है।

इतनी बड़ी संख्या में घुसपैठियों का मिलना शहर की आंतरिक सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है। अब स्थानीय नागरिकों और प्रशासन के बीच यह बहस छिड़ गई है कि पुणे को इन अवैध घुसपैठियों से पूरी तरह कब मुक्त किया जाएगा?

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