Congress Big Protest Claim: महाराष्ट्र की इस क्रांतिकारी मिट्टी से जल्द ही देश की दूसरी बड़ी राष्ट्रीय क्रांति का बिगुल फूंकने की तैयारी हो चुकी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई हलचल के बाद अब पश्चिम भारत का यह राज्य एक बड़े जन-आंदोलन का गवाह बनने जा रहा है।
पुणे में मचे भीषण सियासी संग्राम के बीच कांग्रेस की एक दिग्गज महिला सांसद ने सीधे केंद्र सरकार और भाजपा को ललकारते हुए कहा है कि महिलाओं की आवाज को दबाने के लिए चाहे पुलिस को आगे कर दिया जाए या फिर उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जाएं, वे डरकर पीछे हटने वाली नहीं हैं और हक की इस लड़ाई के लिए हंसते-हंसते जेल जाने को भी पूरी तरह तैयार हैं।
पुणे में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान मचे राजनीतिक घमासान के बीच सोलापुर से कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने सत्तापक्ष पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने महाराष्ट्र की गौरवशाली विरासत को याद दिलाते हुए कहा कि महाराष्ट्र हमेशा से एक प्रगतिशील विचारों की भूमि रहा है, जहां महिलाओं को सदैव अत्यंत सम्मान दिया जाता है।
सावित्रीबाई फुले, राजमाता जिजाऊ, रमाई और अहिल्याबाई होलकर जैसी महान महिला विभूतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की आम महिलाओं और बेटियों के खून में ही साहस, हिम्मत और वीरता दौड़ती है। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर जो क्रांति देखी गई थी, बहुत जल्द महाराष्ट्र की साहसी महिलाओं और बेटियों के नेतृत्व में देश को वैसी ही एक और दूसरी बड़ी राष्ट्रीय क्रांति महाराष्ट्र की पावन धरती से देखने को मिलेगी।
विपक्षी दल भाजपा द्वारा कांग्रेस के पुणे कार्यक्रम पर उठाए जा रहे सवालों और पैसे देकर भीड़ जुटाने के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांसद प्रणिती शिंदे ने इसे उनकी हताशा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भाजपा की पुरानी मोडस ऑपरेंडी रही है कि जब भी वे डरते हैं, अपनी हिम्मत हारते हैं या उनके भीतर ईर्ष्या की भावना पैदा होती है, तब वे इसी प्रकार के हथकंडे अपनाने लगते हैं।
उन्होंने पुणे कैंपस में हुए बवाल की निंदा करते हुए कहा कि बीजेपी द्वारा जानबूझकर गलत प्रचार फैलाया जा रहा है, पुलिस को आगे किया जा रहा है और महिलाओं पर अत्याचार किए जा रहे हैं। उन्होंने दहाड़ते हुए कहा, हमारे खिलाफ चाहे कितने भी मुकदमे क्यों न दर्ज कर लिए जाएं, हम डरने वाले नहीं हैं। हम पूरी मजबूती और जज्बे के साथ महिलाओं के साथ खड़े हैं और जेल जाने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं, जैसा कि राहुल गांधी ने खुद अपने आचरण से साबित करके दिखाया है।
सांसद ने संसद और देश की संप्रभु लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान का मुद्दा उठाते हुए सीधे देश के गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए कहा कि संसद हमारे देश की सर्वोच्च और संप्रभु संस्था है, लेकिन बेहद संवेदनशील पेलेट गन के गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने और जवाब देने के लिए देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद तक में नहीं आए।
एक गृह मंत्री होने के नाते संसद में आना, वक्तव्य देना या माफी मांगना उनका कर्तव्य बनता था, लेकिन ऐसा न करना यह साफ दर्शाता है कि वे कमजोर पड़ चुके हैं, डरे हुए हैं और अब उनके पैरों के नीचे की राजनीतिक जमीन पूरी तरह खिसक चुकी है।