

Parth Pawar NCP Leaders Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर मुलाकातों और बैठकों के दौर से माहौल गरमा गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और राज्यसभा सांसद पार्थ पवार इन दिनों संगठन के भीतर काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। पहले शरद पवार के साथ मुलाकात और फिर वरिष्ठ नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों के साथ लगातार जारी उनकी बैठकों ने राज्य के सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
हाल ही में पार्थ पवार ने मुंबई स्थित शरद पवार के आवास 'सिल्वर ओक' पहुंचकर उनसे मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में लगभग तीन घंटे तक बातचीत हुई। कहा जा रहा है कि इस मैराथन बैठक के दौरान राज्य और केंद्र की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, पार्टी के भविष्य के रुख और सांगठनिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
हालांकि, इस मुलाकात को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन बैठक के तुरंत बाद पार्थ पवार का एक्शन मोड में आ गए है। इससे इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर कुछ बड़े फैसले लिए जा रहे हैं।
शरद पवार से मुलाकात के ठीक बाद पार्थ पवार ने पार्टी नेताओं, स्थानीय पदाधिकारियों और प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों का दौर शुरू कर दिया। शुक्रवार रात हुई एक अहम बैठक के बाद उन्होंने शनिवार को भी संगठन से जुड़े नेताओं के साथ चर्चा की। इस दौरान पार्टी के जमीनी आधार को मजबूत करने, आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने जैसे मुद्दों पर बात हुई।
इस पूरी सियासी हलचल के बीच एनसीपी के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि बैठकों का मुख्य उद्देश्य संगठन को कैडर स्तर पर मजबूत बनाना है। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर भी पार्टी पदाधिकारियों को एकजुट करने के लिए संवाद स्थापित किया जा रहा है।
इसके साथ ही, सुनील तटकरे ने पार्टी अध्यक्ष के चुनाव पर उठे विवाद पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सुनेत्रा पवार के पार्टी अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले सच्चिदानंद सिंह के खिलाफ पार्टी सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
सुनील तटकरे ने स्पष्ट किया कि जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए नोटिस भेजा है, उन्हें कानूनी दायरे में ही जवाब दिया जाएगा और पार्टी अपनी आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की मर्यादा से कोई समझौता नहीं करेगी।
इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में एक और पहलू जिसने सबका ध्यान खींचा, वह था चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का इस पूरी प्रक्रिया से दूर रहना। पिछले दिनों सुनेत्रा पवार और प्रशांत किशोर की मुलाकात के बाद चर्चा थी कि महत्वपूर्ण बैठकों में उनकी भूमिका हो सकती है, लेकिन इस रणनीतिक चर्चा के दौरान वे मौजूद नहीं रहे। उनकी गैर-मौजूदगी को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
इन राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच महाराष्ट्र में एक बार फिर से एनसीपी के दोनों गुटों के एक हाेने की चर्चाएं तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र के राजनीति में नया मोड आने वाला है।