Pune Municipal Corporation Katraj Kondhwa Grade Separator Bridge: कात्रज-कोंढवा सड़क चौड़ीकरण परियोजना में एक बार फिर भूमि अधिग्रहण की अड़चन सामने आई है। सड़क चौड़ीकरण के लिए आवश्यक 10 शेष संपत्तियों के भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा जा चुका है, लेकिन इन संपत्तियों का अधिग्रहण अभी पूरा नहीं हुआ है।
भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद भी कब्जा लेने और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इन प्रक्रियाओं में करीब तीन से चार महीने लगने की संभावना है। ऐसे में पुणे मनपा आयुक्त की ओर से मार्च 2027 तक 50 मीटर सड़क का काम पूरा करने के दिए गए आश्वासन को लेकर समयसीमा पर सवाल उठ रहे हैं।
सड़क चौड़ीकरण के कुछ हिस्सों में निजी संपत्तियां अब भी निर्माण कार्य में बाधा बनी हुई हैं। इसके चलते सड़क विभाग को पूरी सर्विस रोड शुरू करने में भी परेशानी हो रही है।
अब तक कात्रज-कोंढवा सड़क पर सर्विस रोड का करीब 60 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी है। हालांकि, जिन हिस्सों में भूमि उपलब्ध नहीं हुई है, वहां निर्माण कार्य आगे बढ़ाना मुश्किल हो रहा है।
मुख्य सड़क का काम भी इन बाधाओं से प्रभावित हो रहा है। यदि शेष भूमि अधिग्रहण जल्द पूरा नहीं हुआ, तो मार्च 2027 तक परियोजना पूरी करने की समयसीमा में काम पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
सुंदरबन परिसर की कुछ संपत्तियों के अलावा माऊलीनगर चौक की चार निर्मित संपत्तियां भी अब तक मौके पर मौजूद हैं। इन संपत्तियों के कारण प्रस्तावित ग्रेड सेपरेटर और पुल के निर्माण के लिए आवश्यक जगह पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो पाई है।
इन संपत्तियों के लिए भूमि अधिग्रहण, प्रत्यक्ष कब्जा लेने और जगह खाली कराने की प्रक्रिया अभी बाकी है। प्रशासन की ओर से इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए फिलहाल कोई स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं रखी गई है।
कात्रज-कोंढवा सड़क चौड़ीकरण परियोजना का उद्देश्य सड़क की क्षमता बढ़ाकर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर करना है। हालांकि, शेष संपत्तियों का अधिग्रहण और उसके बाद की प्रशासनिक प्रक्रिया परियोजना की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है।
भूमि अधिग्रहण जल्द पूरा होने पर ही निर्माण के बाधित हिस्सों में काम आगे बढ़ सकेगा। फिलहाल मार्च 2027 तक 50 मीटर सड़क का काम पूरा करने का लक्ष्य भूमि अधिग्रहण की गति और संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर निर्भर रहेगा।