महाराष्ट्र सरकार और पुणे महानगरपालिका ने शहर में Global Capability Centres (GCCs) का विस्तार करने और नए निवेश को आकर्षित करने के लिए पहल तेज की है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को 'Why Not Pune?' थीम के तहत पुणे में काम कर रही 25 से अधिक कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन संवाद किया। बैठक में कंपनियों के सामने आ रही दिक्कतों, जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और शहर में भविष्य के निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
बैठक में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुणे में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और IT का पहले से मजबूत आधार है। उनके अनुसार, यह इकोसिस्टम GCC के लिए शहर को उपयुक्त बनाता है। उन्होंने Maharashtra GCC Policy 2025 का भी उल्लेख किया, जिसके तहत राज्य सरकार करीब 400 नए GCC आकर्षित करने और 4 लाख high-skilled jobs तैयार करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
राज्य की आधिकारिक नीति में पुणे को महाराष्ट्र के GCC इकोसिस्टम में प्रमुख टेक्नोलॉजी और रिसर्च केंद्र के रूप में रखा गया है। नीति में IT, fintech, healthcare, advanced manufacturing और अन्य उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों में GCC गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
फडणवीस ने पुणे में चल रही मेट्रो, रिंग रोड, HCMTR और टनल परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए इन्हें शहर की कनेक्टिविटी और mobility सुधारने से जोड़ा। उन्होंने पुणे के engineering और technology talent pool को भी GCC क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया।
हालांकि, बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने केवल निवेश की संभावनाओं की बात नहीं की, बल्कि traffic, road conditions, last-mile connectivity, policy gaps और procedural hurdles से जुड़ी समस्याएं भी सामने रखीं। PMC के अनुसार, इन मुद्दों पर आगे भी उद्योग और प्रशासन के बीच संवाद जारी रखने की योजना है।
अधिकारियों के अनुसार, पुणे में मौजूदा GCC गतिविधियों से एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। प्रशासन अब नए GCC आकर्षित करने के साथ-साथ शहर में पहले से मौजूद केंद्रों के विस्तार पर भी ध्यान दे रहा है।
PMC आयुक्त नवल किशोर राम ने कहा कि 'Why Not Pune?' पहल का उद्देश्य उद्योग और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करना है। उनके अनुसार, कंपनियों को शहर की मौजूदा और प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, विकास योजनाओं और निवेश से जुड़ी संभावनाओं की जानकारी देने के साथ उनकी समस्याएं सीधे सुनना भी इस पहल का हिस्सा है।
राम के अनुसार, बैठक में कंपनियों की ओर से उठाए गए सुझावों और समस्याओं को संकलित कर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। इसके बाद संबंधित उपायों के क्रियान्वयन की समीक्षा और निगरानी की जाएगी।
बैठक में PMC की अतिरिक्त आयुक्त पवनीत कौर और ओमप्रकाश दिवटे, PMRDA, पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए। हाउस लीडर गणेश बिडकर ने भी उद्योग, सरकार और पुणे महानगरपालिका के बीच नियमित संवाद को जरूरी बताया।
'Why Not Pune?' पहल के जरिए प्रशासन का घोषित उद्देश्य GCC, technology, innovation और high-skilled employment से जुड़े निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग और प्रशासन के बीच समन्वय मजबूत करना है।