Pune Ganeshotsav Liquor Ban Order District Collector: पुणे शहर में गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शराब बिक्री पर सख्ती की गई है। जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार 14 सितंबर 2026, गणेश चतुर्थी के दिन पुणे-1 राज्य आबकारी विभाग के कार्यक्षेत्र में पूरे दिन शराब की बिक्री बंद रहेगी।
इस दौरान शराब बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया है।
25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर पूरे दिन शराब बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। इसी दिन पुणे शहर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की मुख्य मिरवणूक निकाली जाएगी।
विसर्जन जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सड़कों पर जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने शराब बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
प्रतिबंध केवल अनंत चतुर्दशी तक सीमित नहीं रहेगा। 26 सितंबर 2026 को विसर्जन मिरवणूक समाप्त होने तक संबंधित क्षेत्रों में शराब बिक्री बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
खास तौर पर विसर्जन मिरवणूक के मार्ग पर स्थित शराब बिक्री प्रतिष्ठानों को जुलूस समाप्त होने तक बंद रखना होगा।
गणेशोत्सव के पांचवें और छठे दिन भी निर्धारित क्षेत्रों में सीमित अवधि के लिए शराब बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। जिन इलाकों से गणेश विसर्जन की मिरवणूक निकलेगी, वहां जुलूस समाप्त होने तक शराब बिक्री बंद रहेगी। इसका उद्देश्य विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को बनाए रखना है।
जिलाधिकारी के आदेश में पुणे पुलिस आयुक्तालय के खड़क, विश्रामबाग और फरासखाना पुलिस थाना क्षेत्रों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है।
इन तीनों क्षेत्रों में 14 से 25 सितंबर 2026 तक प्रतिबंध लागू रहेगा। इसके बाद 26 सितंबर को विसर्जन मिरवणूक समाप्त होने तक भी संबंधित पाबंदियां जारी रहेंगी।
पुणे गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण कर बुनियादी सुविधाओं, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया।
महापालिका आयुक्त और पुलिस आयुक्त के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान सड़कों पर पड़े गड्ढों, गणेश मंडलों के मंडप, लाइटिंग और अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति देखी गई।
जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, महापालिका आयुक्त और मेट्रो अधिकारियों ने संयुक्त रूप से गणेशोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की है। प्रशासन का फोकस शांतिपूर्ण उत्सव, बेहतर भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है।