

Pune Ganeshotsav Mandai Metro Station Crowd Management: गणेशोत्सव के दौरान पुणे के मध्यवर्ती भाग में उमड़ने वाली भीड़ का गणित इस बार और चुनौतीपूर्ण होने वाला है। मंडई मेट्रो स्टेशन शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं के शहर के मध्य भाग में पहुंचने का तरीका बदल गया है।
पिछले वर्ष अंतिम पांच दिनों में रोजाना तीन से चार लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान था, लेकिन प्रत्यक्ष में छह से सात लाख लोग पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या मेट्रो से मंडई पहुंचने वालों की थी।
मंडई स्टेशन पर एक घंटे में करीब 30 हजार यात्रियों का दबाव देखा गया था। इस बार भीड़ और बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुणे पुलिस ने अभी से विशेष 'क्राउड मैनेजमेंट प्लान' पर काम शुरू कर दिया है।
गौरी-गणपति के बाद मानाचे और प्रमुख गणेश मंडलों के दर्शन तथा झांकियां देखने के लिए लक्ष्मी रोड, तुलसीबाग, मंडई, शनिवारवाड़ा और आसपास के पेठ क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। पहले लोग निजी वाहनों या बसों से मध्यवर्ती भाग में आते थे।
पार्किंग की समस्या के कारण वाहनों को दूर खड़ा कर पैदल आना पड़ता था। अब पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु मेट्रो के जरिए सीधे मंडई पहुंच रहे हैं। पुणे मेट्रो में सामान्य दिनों में रोजाना करीब एक से डेढ़ लाख यात्री सफर करते हैं। गणेशोत्सव के दौरान यह संख्या करीब साढ़े चार लाख तक पहुंच जाती है।
मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाकर हर पांच मिनट में ट्रेन चलने पर मंडई मार्ग पर प्रति घंटे करीब 30 हजार यात्रियों का दबाव बन सकता है। इसलिए स्टेशन से बाहर निकलने वाली भीड़ को अलग-अलग मार्गों पर भेजने, भीड़ को एक जगह जमा होने से रोकने और प्रमुख मंडलों की ओर श्रद्धालुओं का प्रवाह नियंत्रित करने की योजना बनाई जा रही है।
मंडई स्टेशन पर एक साथ भीड़ बढ़ने से रोकने के लिए पिंपरी-चिंचवड़ की ओर से आने वाली कुछ ट्रेनों को मंडई पर रोकने के बजाय स्वारगेट तक चलाने का विकल्प भी चर्चा में है। इस संबंध में पुलिस और मेट्रो प्रशासन के बीच बैठकें हो रही है।
हालांकि, मेट्रो की केंद्रीकृत संचालन व्यवस्था और मंडई का टिकट लेने वाले यात्रियों को स्वारगेट उत्तारने से जुड़े किराये व आगे की यात्रा जैसे मुद्दों के कारण अंतिम निर्णय समन्वय से ही होने की संभावना है।
मंडई से निकलने वाली भीड़ एक साथ लक्ष्मी रोड, तुलसीबाग, शनिवारवाड़ा और अन्य पेटों की ओर न बढ़े, इसके लिए रूट निर्धारण व्यवस्था की जाएगी।