झगड़ा लगा गए धीरेंद्र शास्त्री, बंगाल में नॉन वेज पर सियासी संग्राम, दिलीप घोष ने कांग्रेस की FIR पर उठाए सवाल

Dhirendra Shastri Controversy: धीरेंद्र शास्त्री की मांसाहार छोड़ने की अपील पर बंगाल कांग्रेस ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दिलीप घोष और समिक भट्टाचार्य ने बयान पर प्रतिक्रिया दी।
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दिलीप घोष और धीरेंद्र शास्त्रीसौजन्य-IANS
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Bengal Non-Veg Controversy: बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ पश्चिम बंगाल की कांग्रेस की पुलिस शिकायत पर राज्य सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिंदा है, इसको साबित करने के लिए पार्टी ने एफआईआर कराई है।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से पश्चिम बंगाल में मांसाहारी भोजन और उसकी बिक्री पर रोक लगाने की अपील को लेकर दिलीप घोष ने कहा, "उन्होंने अपनी राय रखी है। अगर कोई इससे सहमत है, तो वह इसे मानेगा। इस देश में 50 प्रतिशत से अधिक लोग शाकाहारी हैं। यहां भी, अनुकूल जी ठाकुर के सभी अनुयायी शाकाहारी हैं और उनकी काफी अधिक संख्या है।"

बंगाल में खाने को लेकर कोई पाबंदी नहीं

दिलीप घोष ने कहा कि यहां (पश्चिम बंगाल) सदियों से बहुत से लोग मांसाहारी रहे हैं और मछली खाते हैं। भगवान ने यह सब दिया है और यह बिना किसी टकराव के स्वाभाविक रूप से चलता आ रहा है। टीएमसी ने भी इस विषय को सामने उठाया था। अभी बंगाल में किसी के खाने को लेकर पाबंदी नहीं है।

घोष ने कहा, "जो लोग रोजाना मांसाहारी भोजन करते हैं, उन्होंने भी सप्ताह में शाकाहारी खाने के लिए एक दो दिन तय कर रखे हैं। यह एक व्यक्तिगत विषय है।"

झगड़ा लगा गए धीरेंद्र शास्त्री - समिक भट्टाचार्य

पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में लोग अपनी पसंद का खाना खाने के लिए स्वतंत्र हैं। किसी बाहरी धार्मिक व्यक्ति या राजनीतिक दल को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि लोग क्या खाएं या क्या पहनें।

समिक भट्टाचार्य ने कहा, 'हम अष्टमी पर लुची (पूरी) और नवमी पर बकरे का मांस खाना जारी रखेंगे। कोई भी बंगाल के लोगों को ये नहीं बता सकता कि उन्हें क्या खाना चाहिए।' बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने साफ कहा है कि वे धीरेंद्र शास्त्री का सम्मान करते हैं, लेकिन उनकी निजी राय बंगाली समाज पर थोपी नहीं जा सकती।

क्या खाना है ये बाहरी व्यक्ति तय नहीं करेगा

समिक भट्टाचार्य ने साफ कहा कि किसी संत या डॉक्टरों को लोगों को शाकाहरी देने की सलाह देने का अधिकार है, लेकिन कोई बाहरी व्यक्ति ये तय नहीं कर सकता कि बंगाल के लोग क्या खाएंगे या क्या पहनेंगे। दरअसल, हाल ही में हावड़ा दौरे के दौरान बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों से दुर्गा पूजा के दौरान नॉनवेज खाना छोड़ने की अपील की थी।

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कांग्रेस ने दर्ज कराई शिकायत

बता दें कि धीरेंद्र शास्त्री की मांसाहारी भोजन और उसकी बिक्री पर रोक लगाने की अपील के बाद कांग्रेस ने भवानीपुर थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। दुर्गा पूजा के दौरान मांस न खाने के फरमान को लेकर पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने मंगलवार को बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पार्टी का कहना है कि इस बयान से बंगालियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इसका मकसद समाज में अशांति फैलाना था। यहां भवानीपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को दी गई शिकायत में दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया कि शास्त्री ने 5 सितंबर को हावड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान अपमानजनक टिप्पणी की थी।