Pune Infrastructure News: चाकण औद्योगिक क्षेत्र में लगातार बढ़ती यातायात समस्या से राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने सड़क विकास के साथ यातायात प्रबंधन को मजबूत करने का फैसला किया है। औद्योगिक क्षेत्र में यातायात नियंत्रण के लिए 45 MSF जवानों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा यातायात पुलिस को एक क्रेन और 50 जैमर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी की अध्यक्षता में हुई चाकण MIDC बुनियादी सुविधा समिति की बैठक में यातायात, सड़क विकास, पार्किंग, जल निकासी, बिजली आपूर्ति, सड़क डिवाइडर और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।
चाकण औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न प्राधिकरणों के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों का एकीकृत रूप से विकास किया जा रहा है। बैठक में संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर सभी कार्यों को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया। फेज-2 में 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क के 5.50 किलोमीटर हिस्से का सीमेंट-कंक्रीटीकरण पूरा हो चुका है। वहीं फेज-4 में छह लेन की सड़क, दोनों ओर फुटपाथ की मरम्मत, मध्य में सीमेंट-कंक्रीट डिवाइडर और सौंदर्यीकरण से जुड़े 4.03 किलोमीटर लंबे कार्य में करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 और फेज-2 की मुख्य सड़कों के 14.65 किलोमीटर हिस्से के सीमेंट-कंक्रीटीकरण का काम चल रहा है। फेज-3 में आलंदी फाटा (स्पायसर चौक) से फोक्सवैगन-स्कोडा कंपनी तक 5.70 किलोमीटर सड़क तथा फेज-5 में 4.40 किलोमीटर लंबे चार लेन के मुख्य मार्ग का काम भी प्रगति पर है। उपलब्ध परियोजना विवरण के अनुसार इन सड़कों के विकास में MIDC, राष्ट्रीय राजमार्ग, महाराष्ट्र राज्य बुनियादी सुविधा विकास महामंडल और PMRDA सहित विभिन्न प्राधिकरणों की भूमिका है।
चाकण औद्योगिक क्षेत्र में यातायात नियंत्रण के लिए 45 MSF जवानों की नियुक्ति को MIDC मुख्यालय ने मंजूरी दी है। इसकी जानकारी पुलिस विभाग को दी गई है। इसके साथ ही MIDC की ओर से यातायात पुलिस को एक क्रेन और 50 जैमर उपलब्ध कराने को भी मंजूरी दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनधिकृत रूप से खोले गए डिवाइडरों को बंद करने की कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क किनारे के हिस्सों को व्यवस्थित करने के साथ यातायात को अनुशासित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया है।
जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने बारिश के दौरान जलभराव वाले स्थानों पर स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल अस्थायी उपायों के बजाय ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए, जो बारिश के मौसम में भी प्रभावी रहे। सड़क, पार्किंग और जल निकासी से जुड़े कामों को आपसी समन्वय के साथ गति देने पर भी उन्होंने जोर दिया।
औद्योगिक क्षेत्र की बिजली आपूर्ति क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध हो गया है। इसके लिए निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और करीब 25 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी महावितरण के अधिकारियों ने दी। अधिकारियों के अनुसार काम पूरा होने के बाद MIDC को उसकी वर्तमान आवश्यकता से अधिक बिजली उपलब्ध हो सकेगी। जिलाधिकारी ने सड़क डिवाइडरों की नियमित निगरानी और रखरखाव के लिए स्वतंत्र व्यवस्था बनाने तथा औद्योगिक क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए शहरी लैंडस्केप आधारित सौंदर्यीकरण योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सांसद डॉ. अमोल कोल्हे, विधायक बाबाजी काले, विधायक शंकर मांडेकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सांसद डॉ. अमोल कोल्हे और विधायक बाबाजी काले ने औद्योगिक क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और सुझावों को बैठक में रखा। जिलाधिकारी डुडी ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर इन समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। प्रशासन का फोकस अब सड़क बुनियादी ढांचे के साथ यातायात प्रबंधन, पार्किंग, जल निकासी, बिजली और सौंदर्यीकरण को एक साथ बेहतर बनाने पर है।