
BRICS Summit 2026 Key Events: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज भारत पहुंचे। आज शाम 5.45 बजे वे पीएम नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक हुई। भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार, आज प्रधानमंत्री मोदी की इथियोपिया और मलेशिया के साथ हुई द्विपक्षीय बैठकों ने इन देशों के साथ भारत के रिश्तों को एक नई दिशा दी है। दोनों देशों ने भारत के साथ मज़बूत रक्षा सहयोग की इच्छा जताई। इसमें संयुक्त रूप से कर्मियों की ट्रेनिंग और भारत से रक्षा उपकरणों की खरीद पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने भारतीय उद्योग और निवेश का स्वागत किया। इथियोपिया ने खास तौर पर भारतीय माइनिंग कंपनियों का स्वागत किया। मलेशिया के साथ सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में मौकों पर भी चर्चा हुई।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पहुंच गए है। आज वे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। शाम 5.45 बजे वे पीएम नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लेंगे।
#WATCH | Delhi: Chinese President Xi Jinping arrives in Delhi to participate in the BRICS Summit 2026. pic.twitter.com/85fWsB4PST
— ANI (@ANI) September 12, 2026
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचे। पालम एयरपोर्ट पर चीन का विमान उतरा। आज बाद में प्रधानमंत्री मोदी की चीनी राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक होनी है।
#WATCH | Delhi: Chinese President Xi Jinping arrives in Delhi to participate in the BRICS Summit 2026.
— ANI (@ANI) September 12, 2026
PM Modi is scheduled to hold a bilateral meeting with the Chinese President later today. pic.twitter.com/mJk6YVYt5P
दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स समिट 2026 के दौरान अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi holds a bilateral meeting with the Crown Prince of Abu Dhabi, Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan, on the sidelines of the BRICS Summit 2026.
— ANI (@ANI) September 12, 2026
(Source: DD News) pic.twitter.com/uDqEuFPaZw
भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार, आज प्रधानमंत्री मोदी की इथियोपिया और मलेशिया के साथ हुई द्विपक्षीय बैठकों ने इन देशों के साथ भारत के रिश्तों को एक नई दिशा दी है। दोनों देशों ने भारत के साथ मजबूत रक्षा सहयोग की इच्छा जताई। इसमें संयुक्त रूप से कर्मियों की ट्रेनिंग और भारत से रक्षा उपकरणों की खरीद पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने भारतीय उद्योग और निवेश का स्वागत किया। इथियोपिया ने खास तौर पर भारतीय माइनिंग कंपनियों का स्वागत किया। मलेशिया के साथ सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में मौकों पर भी चर्चा हुई।
दिल्ली में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। पेजेशकियान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की बैठकों में शामिल होंगे।
#WATCH | Delhi: Iranian President Masoud Pezeshkian meets President Droupadi Murmu at Rashtrapati Bhavan, in Delhi. pic.twitter.com/GOmHmi93UI
— ANI (@ANI) September 12, 2026
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। उन्होंने ट्वीट किया, "भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर और भारत-इथियोपिया साझेदारी को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करके बहुत खुशी हुई। हमारी बातचीत रक्षा सहयोग, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, क्षमता निर्माण, माइनिंग और COP32 की दिशा में हमारी साझेदारी को बढ़ाने पर केंद्रित रही। इन क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग को गहरा करने और हमारे लोगों के लिए नए अवसर पैदा करने की अपार संभावनाएं हैं। भारत और इथियोपिया के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंध, लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक जुड़ाव और लोगों के बीच मजबूत रिश्ते हैं। फिर भी, हमारे दोनों देशों के बीच मौजूद संभावनाओं का अभी भी पूरी तरह से उपयोग नहीं हो पाया है। मेरा मानना है कि हमारे साझा इतिहास और सद्भावना को एक अधिक महत्वाकांक्षी और पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी में बदलने का सही समय आ गया है, जो टेक्नोलॉजी, कौशल, निवेश, सतत विकास और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित हो।"
It was a pleasure to meet Prime Minister @narendramodi and exchange views on strengthening the India–Ethiopia partnership in my first Official Visit to India.
— Abiy Ahmed Ali 🇪🇹 (@AbiyAhmedAli) September 12, 2026
Our discussions focused on enhancing defence cooperation, technology transfer, capacity building, mining, and our… pic.twitter.com/jUuM5xRnKl
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आज ब्रिक्स के संयुक्त घोषणापत्र पर सहमति बन गई है। शाम 4 बजे संयुक्त घोषणापत्र आएगा।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 कुछ ही देर में शुरू होने वाला है। ब्रिक्स सम्मेलन में 2:45 बजे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग देशों को संबोधित करेंगे।
दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी BRICS समिट 2026 के वेन्यू, भारत मंडपम पहुंचे। साथ ही ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस, शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी BRICS समिट 2026 में शामिल होने के लिए भारत मंडपम पहुंचे।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi arrives at Bharat Mandapam - the venue for BRICS Summit 2026.
— ANI (@ANI) September 12, 2026
(Video: DD News) pic.twitter.com/ZjJKnZcvaW
भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमाम देशों के नेताओं का स्वागत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के आयोजन स्थल 'भारत मंडपम' में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का स्वागत किया।
New Delhi: Prime Minister Narendra Modi welcomes Abu Dhabi Crown Prince Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan at Bharat Mandapam, the venue for the 18th BRICS Summit 2026.
— IANS (@ians_india) September 12, 2026
(Source: DD News) pic.twitter.com/5JiyJ1KloG
#WATCH | Delhi: During the BRICS Summit 2026, Prime Minister Narendra Modi says, "I express my heartfelt gratitude to all of you for your active contribution and support in making India’s BRICS chairmanship a success. This year’s BRICS summit marks a historic milestone. We are… pic.twitter.com/5XEa4jSYL4
— ANI (@ANI) September 12, 2026
PM मोदी ने कहा कि आज ब्रिक्स भी अपने 'कमिंग ऑफ एज' के क्षण में है। पिछले 20 वर्षों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हम एक-दूसरे के दर्शकों का सम्मान करते हैं और कर्तव्यनिष्ठ से आगे बढ़ते हैं। हम किसी के विरुद्ध नहीं बल्कि सभी को साथ लेकर चलने की सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं।
नई दिल्ली में भारत द्वारा आयोजित ब्रिक्स समिट की सफलता के बाद अब इसकी अध्यक्षता चीन को सौंपी जाएगी। इस विषय पर बोलते हुए शी जिनपिंग ने कहा कि इस सम्मेलन के बाद ब्रिक्स अपने अगले चरण में प्रवेश करेगा। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता चीन के पास होगी। भारत की 2026 की अध्यक्षता के समापन के बाद संगठन अपने नए चरण की शुरुआत करेगा।
पीएम मोदी ने ब्रिक्स देशों के समक्ष ‘नई दिल्ली घोषणा 2026’ को अपनाने का प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने बताया कि किसी भी सदस्य देश ने इस पर कोई आपत्ति नहीं उठाई। इसके बाद ‘नई दिल्ली घोषणा 2026’ को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई।
#WATCH | BRICS Summit: Prime Minister Narendra Modi proposes the adoption of the declaration.
— ANI (@ANI) September 12, 2026
“No member has raised any objection. The New Delhi Declaration 2026 is adopted unanimously,” says PM Modi
(Video source: DD) pic.twitter.com/vBBJSD81uK
कुछ ही समय बाद प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने वाली है। भारत मंडपम में आयोजित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से अलग नई दिल्ली में हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के समय चीन द्वारा दिए गए समर्थन और सहयोग के लिए शी जिनपिंग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह बैठक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण अवसर है। पीएम मोदी ने एक बार फिर शी जिनपिंग का भारत आगमन पर स्वागत किया।
पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि उनकी इच्छा है कि भारत और चीन मिलकर एक महत्वपूर्ण ‘वैश्विक भूमिका’ निभाएं, दोनों देश एक-दूसरे की क्षमताओं से सीखें और मिलकर साझा प्रगति सुनिश्चित करें।
ब्रिक्स समिट में आए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षी वार्ता खत्म हो गई है।
भारत मंडपम में गाला डिनर का आयोजन
भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य वैश्विक नेता मौजूद हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां वैश्विक नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए भव्य डिनर का आयोजन किया है।
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा 'मुझे लगता है कि हम सभी इसका स्वागत कर सकते हैं. यह बहुत व्यापक और अच्छी तरह से तैयार किया गया लगता है. अच्छी बात यह है कि कुछ बहुत ही विवादास्पद और टकराव वाले मुद्दे सामने आने के बावजूद, सभी ने एक आम सहमति वाले बयान को स्वीकार किया है. मुझे लगता है कि हमें इसका स्वागत करना चाहिए. निश्चित रूप से, इस संयुक्त बयान में ऐसे पहलू हैं जिन्हें बहुत संतोष के साथ देखा जा सकता है. आतंकवाद पर एक स्पष्ट बयान है जो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुई घटना की निंदा करता है, सीमा-पार आतंकवाद की निंदा करता है और आतंकवाद-मुक्त दुनिया की उम्मीद करता है.'
चीनी विदेश मंत्रालय ने बताया, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच खुलकर और गहराई से बातचीत हुई और वे इस महत्वपूर्ण सहमति पर पहुंचे कि चीन और भारत एक-दूसरे के साझेदार बनें।
बयान में आगे कहा गया, 'शी जिनपिंग ने रेखांकित किया कि चीन ने भारत के साथ अपने संबंधों को हमेशा रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखा और आगे बढ़ाया है। पिछले दो वर्षों में उनकी और प्रधानमंत्री मोदी की दो बार मुलाकात हुई है, जिससे चीन-भारत संबंधों ने "नई शुरुआत" से आगे बढ़कर "और अधिक सुदृढ़" रूप लिया है।
दोनों देशों के बीच संस्थागत संवाद धीरे-धीरे फिर शुरू हो गया है, सहयोग के क्षेत्रों की सूची लगातार बढ़ रही है और द्विपक्षीय व्यापार नए उच्च स्तर पर पहुंच चुका है। यह उपलब्धि आसानी से नहीं मिली है, इसलिए इसे संभालकर और बनाए रखना आवश्यक है।'