त्र्यंबकेश्वर में 31 अक्टूबर को सिंहस्थ कुंभ का धर्म ध्वजारोहण होगा।
शंकराचार्य स्वामी विधुशेखर भारती और दसों संन्यासी अखाड़ों के महंत शामिल होंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोपहर 3 बजे कुशावर्त कुंड में पूजा करेंगी।
Nashik Trimbakeshwar Kumbh Mela: नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ के शुभारंभ की तैयारियां पूरी हो गई हैं। 31 अक्टूबर 2026 को त्र्यंबकेश्वर में धर्म ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा। श्रृंगेरी पीठ के उत्तराधिकारी शंकराचार्य स्वामी विधुशेखर भारती के सानिध्य में होने वाला यह समारोह धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
इस अवसर पर त्र्यंबकेश्वर के दसों संन्यासी अखाड़ों के श्रीमहंत और प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12:02 बजे धर्म ध्वजारोहण होगा। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोपहर करीब 3 बजे कुशावर्त कुंड में पूजा करने पहुंचने की जानकारी दी गई है।
धर्म ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के लिए विभिन्न अखाड़ों के प्रमुख संत और पदाधिकारी त्र्यंबकेश्वर पहुंच चुके हैं। इनमें जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री एवं अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि, निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रवींद्र पुरी, महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रवींद्र पुरी, आवाहन अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत सत्य गिरि शामिल हैं।
इसके अलावा बड़ा उदासीन अखाड़े के भ्रमणशील मंडल के श्रीमहंत दुर्गादास जी, आनंद अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत शंकरानंद सरस्वती, निर्मल अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत देवेंद्र जी और नया उदासीन अखाड़े के श्रीमहंत भगत राम जी भी समारोह में हिस्सा लेंगे।
पुरोहित संघ, नगर परिषद त्र्यंबकेश्वर और मेला विकास प्राधिकरण के सौजन्य से इस समारोह का आयोजन किया जा रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस धर्म ध्वजारोहण के समय मौजूद रहेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कुशावर्त कुंड पहुंचकर पूजा-अर्चना करने का कार्यक्रम है।
धर्म ध्वजारोहण के साथ सिंहस्थ कुंभ का धार्मिक शुभारंभ हो जाएगा, लेकिन संतों, महंतों और नागा संन्यासियों के अमृत स्नान के लिए श्रद्धालुओं को अभी इंतजार करना होगा। दी गई ज्योतिषीय जानकारी के अनुसार, गुरु की वक्री चाल के कारण मुख्य अमृत स्नान अगस्त-सितंबर 2027 में आयोजित होंगे। पहला अमृत स्नान 12 अगस्त 2027 से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
इस तरह 31 अक्टूबर 2026 का धर्म ध्वजारोहण नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ की तैयारियों और धार्मिक आयोजनों की औपचारिक शुरुआत का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।