

HIGHLIGHTS
पराली को लेकर पंजाब की AAP सरकार पर तंज कसा
पंजाब में पराली जलाने के 1,007 मामले दर्ज
सौरभ भारद्वाज बोले- BJP के धोखेबाज लोग दिल्ली के बारे में कुछ नहीं जानते
Manoj Tiwari Vs AAP: बीजेपी सांसद मनोज तिवारी का सोनिया विहार घाट पर छठ गीत गाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने गुरुवार सुबह यमुना जल में डुबकी लगाई। इतना ही नहीं, उन्होंने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की मानसिकता पर भी सवाल उठाए हैं।
मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने वर्षों तक दिल्ली की सत्ता में रहकर यमुना सफाई के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार और घोटाले किए। आरोप है कि विरोधी दलों ने करोड़ों रुपए का बजट भ्रष्टाचार के नाम चढ़ा दिया।
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने इस दौरान पंजाब की AAP सरकार पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी प्रदूषण का दोष हरियाणा पर डालती है।
जबकि बीजेपी ने डेढ़ साल में आधी नदी साफ कर दी और बाकि बचा काम आने वाले सालों में हो ही जाएगा। इस दौरान सोनिया विहार घाट पर उन्होंने छठ लोकगीत गाया। छठ मनाने वालों को घाट पर आने का न्योता भी दिया।
मनोज तिवारी का दावा है कि दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने अपने सफाई कामों से यमुना नदी के प्रदूषण को एक साल में आधा कर दिया।
उनका दावा है कि लोग अब यमुना में फिर से छठ पूजा कर पाएंगे। यमुना के कुछ हिस्सों में प्रवासी पक्षियों का आना भी सुधार का संकेत है क्योंकि नदी साफ नहीं होती थी तो ये पक्षी यहां नहीं आते थे।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 'X' पर लिखा कि ये बीजेपी के धोखेबाज लोग दिल्ली के बारे में कुछ नहीं जानते। ये तो सभी लोग जानते हैं कि पल्ला से वजीराबाद तक यमुना का 26 किमी. का हिस्सा हमेशा से ही काफी साफ रहा है।
DPCC की रिपोर्ट के मुताबिक देखें तो AAP सरकार के समय ये हिस्सा और भी साफ था'। दिल्ली में यमुना नदी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है वैसे-वैसे अधिक प्रदूषित होती जाती है।
वजीराबाद और ओखला के बीच का 22 किमी. का हिस्सा अत्यधिक प्रदूषित माना जाता है, और यही हिस्सा कई नीतिगत प्रयासों का मुख्य केंद्र भी है।
आगे भारद्वाज ने कहा कि 'मैं मनोज तिवारी और जल मंत्री प्रवेश वर्मा को कालिंदी कुंज घाट पर पानी पीने के लिए आमंत्रित करता हूं। पिछले साल भी वे इस चुनौती से भाग गए थे।
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी PPCB के मुताबिक, 29 अक्टूबर तक पंजाब राज्य में पराली जलाने की कुल 1,007 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले तरनतारन से सामने आए हैं। इसके बाद अमृतसर और फिरोजपुर का नंबर आता है।
तरनतारन में राज्य के कुल मामलों का लगभग 39% हिस्सा दर्ज किया गया है। वहीं, अमृतसर और फिरोजपुर को मिलाकर इन 3 जिलों में ही कुल 672 घटनाएं सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में पराली जलाने की कुल 1,007 घटनाओं में से तरनतारन जिले में सबसे अधिक 397 मामले सामने आए हैं। इसके बाद अमृतसर में 171 और फिरोजपुर में 104 मामले दर्ज किए गए हैं।