Nashik Ranbhaji Mahotsav: पारंपरिक खाद्य संस्कृति के संरक्षण, स्थानीय कृषि उपज को बाजार प्रदान करने और ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 'रानभाजी महोत्सव' जैसे आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। महिला स्वयं सहायता समूह सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर उद्योग शुरू करें, आत्मनिर्भर बनें और 'लखपती दीदी' बनें। यह आह्वान राज्य के जल संसाधन, आपदा प्रबंधन एवं नासिक के जिला पालकमंत्री गिरीश महाजन ने किया।
पालकमंत्री महाजन ने नासिक पंचायत समिति परिसर में आयोजित तीन दिवसीय रानभाजी महोत्सव का दौरा कर विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। यह महोत्सव ग्राम विकास विभाग, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी, उमेद अभियान और जिला परिषद नासिक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ओमकार पवार, अतिरिक्त सीईओ प्रतिभा संगमनेरे, परियोजना निदेशक महेश पाटिल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
पालकमंत्री ने कहा कि स्थानीय खाद्य संस्कृति को बढ़ावा देने और दुर्लभ होती जंगली सब्जियों तथा बाजरा, रागी व ज्वारी जैसे पारंपरिक पोषक अनाजों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह पहल आवश्यक है। उमेद अभियान के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, पूंजी, बैंक ऋण, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि आगामी कुंभ मेले से नासिक की अर्थव्यवस्था को बड़ी गति मिलेगी, जिससे स्थानीय व्यवसायों, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। महिला स्वयं सहायता समूहों को इस अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए। जिला परिषद के सीईओ ओमकार पवार ने भी स्वयं सहायता समूहों को कुंभ मेले के मद्देनजर अपने उत्पादों की मैपिंग और तैयारी करने का सुझाव दिया।