प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
नासिक

नासिक मनपा चुनाव 2026: चार वोट की लड़ाई में ‘एक वोट’ का दांव, नासिक में बदली चुनावी रणनीति

Election Strategy: नासिक मनपा चुनाव 2026 में कुछ बागी व निर्दलीय उम्मीदवार ‘पूरा पैनल’ की बजाय मतदाताओं से सिर्फ एक व्यक्तिगत वोट की अपील कर रहे हैं, जिससे चुनावी समीकरण बदलते दिख रहे हैं।

अंकिता पटेल

Nashik Municipal Election 2026: नासिक मनपा चुनाव 2026 की रणभेरी बजते ही प्रचार के ऐसे अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं, जिसने दिग्गज राजनीतिक पंडितों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। जहां भाजपा, शिवसेना (शिंदे व उबाठा) और राकांपा जैसे बड़े दल 'पूरा पैनल' (4-0) चुनने की दुहाई दे रहे हैं, वहीं प्रभागों में कुछ 'चतुर' उम्मीदवार एक बिल्कुल अलग ही राग अलाप रहे हैं।

इन प्रत्याशियों की सीधी अपील है- "सिर्फ एक वोट मुझे दें, बाकी तीन वोट आप अपनी मर्जी से किसी को भी बांट दें।" क्या है यह 'एक वोट' की मिस्ट्री ? नासिक में इस बार बहु-सदस्यीय प्रभाग पद्धति (पैनल सिस्टम) के तहत चुनाव हो रहे हैं, जिसमें एक मतदाता को अपने प्रभाग से चार उम्मीदवारों को चुनना है।

आमतौर पर पार्टियां अपने चारों उम्मीदवारों - के लिए सामूहिक वोट मांगती हैं। लेकिन, - कई प्रभागों में बागी और निर्दलीय उम्मीदवारों ने मतदाताओं से कहना शुरू - किया है कि वे पूरे पैनल के चक्कर में न पड़ें। वे मतदाताओं को समझा रहे हैं कि आप अपनी पसंद के तीन बड़े नेताओं को वोट दें, बस चौथा वोट 'व्यक्तिगत' रूप से मुझे देकर अपनी सेवा का मौका दें।

'अनोखे' रुख से पार्टियों में मची खलबली

प्रत्याशियों के इस 'अनोखे' रुख ने स्थापित पार्टियों के रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है। उन्हें डर है कि यदि मतदाताओं ने इस 'व्यक्तिगत वोट' की अपील को मान लिया, तो उनके पैनल बिखर जाएंगे और गठबंधन (महायुति या मविआ) के समीकरण बिगड़ सकते हैं। नासिक के पंचवटी, सिडको और सातपुर जैसे इलाकों में यह 'वन वोट' ट्रेंड सबसे ज्यादा चर्चा में है। अब देखना यह है कि 15 जनवरी को होने वाले मतदान में नासिक की जनता 'पैनल' पर मुहर लगाती है या 'पर्सनल' अपील पर भरोसा जताती है।

सड़क, कचरा और पानी जैसे बुनियादी मुद्दों बात

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह एक सोची-समझी 'सर्वाइवल' रणनीति है। जब कोई प्रत्याशी पूरे पैनल के लिए वोट मांगता है, तो उसे पैनल के अन्य कमजोर उम्मीदवारों की नाराजगी भी झेलनी पड़ती है। 'एक वोट' की मांग कर प्रत्याशी खुद को इस जोखिम से बाहर कर लेता है।

विपक्षी दलों के समर्थकों से वोट हासिल करने का यह सबसे आसान तरीका है। प्रत्याशी कहता है, "आप अपनी पार्टी के प्रति वफादार रहें, बस एक वोट मेरे काम के आधार पर मुझे दे। पाटिल हो या अन्य स्थानीय नेता, ये उम्मीदवार बड़े विज्ञापनों के बजाय सीधे घर-घर जाकर सड़कों की बदहाली, कचरा प्रबंधन और पानी जैसे बुनियादी मुद्दों पर बात कर रहे हैं।

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