Nashik Zilla Parishad: नासिक जिले के अनुदानित एवं आंशिक अनुदानित स्कूलों में 'पोस्ट शिफ्टिंग' और नए पदों के समायोजन की प्रक्रिया में जिला परिषद प्राथमिक शिक्षा विभाग की प्रशासनिक लापरवाही के कारण हजारों शिक्षकों के वेतन पर संकट मंडरा रहा है। प्रशासन की इस उदासीन नीति के खिलाफ शिक्षक महासंघ ने कड़ा रुख अपनाया है। प्राथमिक शिक्षा अधिकारी साइलता शामलेटी ने 24 अप्रैल को परिपत्र जारी कर 28 और 29 अप्रैल को विशेष शिविर आयोजित किया था।
इसके बाद 15 जून को विधायक सत्यजीत तांबे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार और शिक्षक संगठनों की बैठक में शिक्षा अधिकारी ने 22 जुलाई तक पोस्ट शिफ्टिंग का कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, तीन महीने का समय बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सरकार द्वारा मई 2026 से दी गई तीन महीने की 'टैब' समयावधि समाप्त हो जाने के कारण सितंबर माह का वेतन बिल आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए 17 सितंबर को शिक्षक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा अधिकारी से मुलाकात की। इस बैठक में संबंधित अधिकारी जयवंत शिंदे उचित जानकारी नहीं दे पाए, जबकि जिम्मेदार कार्यालय अधीक्षक प्रदीप ढाके अनुपस्थित रहे। प्रशासनिक लापरवाही उजागर होने पर शिक्षा अधिकारी ने जिम्मेदार कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
महासंघ के भारी दबाव के बाद शिक्षा अधिकारी ने 'ईओ लॉगिन' की समयावधि बढ़ाने के लिए शिक्षा निदेशक (प्राथमिक) को तुरंत पत्र भेजा है। इस अवसर पर महासंघ के जिलाध्यक्ष नंदलाल धांडे, सचिव सुनील बिरारी, जयेश सोनवणे, सोपान निकम, कपिल शिंदे, विक्रांत नेरकर, सुनीता गायकवाड़ और नामदेव गुंडगल सहित कई शिक्षक उपस्थित थे। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि नियमानुसार कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ तो तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
निजी प्राथमिक महासंघ अध्यक्ष नंदलाल धांडे ने कहा कि पोस्ट शिफ्टिंग के संदर्भ में स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा तीन महीने का समय दिए जाने के बावजूद शिक्षा विभाग के संबंधित कर्मचारियों ने काम नहीं किया। इसके चलते 426 शिक्षकों का वेतन रुक गया है। शिक्षा अधिकारी ने समय बढ़ाने के लिए शिक्षा निदेशक को पत्र लिखा है। यदि इस पत्र के आधार पर समयावधि नहीं बढ़ाई जाती है, तो प्रभावित शिक्षकों को कार्यालय लाकर कामचोर कर्मचारियों से दोबारा जवाब मांगा जाएगा।