160 करोड़ के नासिक शालार्थ घोटाले में SIT की एंट्री, शिक्षा अधिकारी के क्लर्क समेत मास्टरमाइंड हिरासत में

Shalarth ID Scam: नासिक के 160 करोड़ के शालार्थ आईडी घोटाले में 841 फर्जी शिक्षकों की भर्ती का खुलासा हुआ है। SIT ने शिक्षा अधिकारी के क्लर्क समेत तुषार सालुंखे को हिरासत में लिया।
Nashik Shalarth ID Scam
नासिक शलार्थ ID घोटाला(सोर्स: AI)
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Nashik Shalarth ID Scam: शिक्षा क्षेत्र में सामने आए 160 करोड़ के शालार्थ आईडी घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले की परतें खुलती जा रही हैं।

जांच में संस्थाचालकों, प्रधानाचार्यों, एजेंटों, शिक्षा अधिकारियों से लेकर शिक्षा निदेशालय स्तर तक कथित मिलीभगत से 841 फर्जी शिक्षकों की भर्ती किए जाने की जानकारी सामने आई है।

SIT ने कसा शिकंजा

शालार्थ ID घोटाले की जांच अब राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े प्रभावशाली शिक्षा संस्थान संचालकों तक पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। एसआईटी इस पूरे नेटवर्क में कथित रूप से शामिल लोगों की भूमिका और पैसों के लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है।

इसी जांच के तहत शिक्षा अधिकारी प्रशांत वाडिले के क्लर्क को हिरासत में लिया गया है। इसके साथ ही घोटाले के कथित एक अन्य मास्टरमाइंड तुषार सालुंखे को भी शिरपुर से हिरासत में लिया गया है। दोनों से पूछताछ के जरिए पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घोटाले का नेटवर्क किन-किन लोगों तक फैला हुआ है।

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सालुंखे से पूछताछ में खुलेंगे कई राज

साक्री निवासी तुषार सालुंखे पर शालार्थ आईडी से जुड़ी तकनीकी प्रक्रिया को कथित तौर पर मैनेज करने और कंप्यूटर प्रणाली का दुरुपयोग करने का संदेह है। विशेष जांच दल (SIT) को सालुंखे से जुड़े अहम सुराग और कथित सबूत मिलने के बाद उसे हिरासत में लिया गया है।

पुलिस अब उससे लगातार पूछताछ कर रही है, ताकि घोटाले में उसकी वास्तविक भूमिका और उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों की जानकारी सामने आ सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि शालार्थ आईडी की तकनीकी प्रक्रिया में किस स्तर पर हेरफेर किया गया और इसके लिए कंप्यूटर प्रणाली का किस तरह इस्तेमाल किया गया।

प्रारंभिक जांच में घोटाले को अंजाम देने के तरीके को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। नासिक पुलिस अब तकनीकी रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

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