रेल अधिकारी बनकर नागपुर में रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी से 32 लाख की साइबर ठगी;व्हाट्सएप पर भेजा फर्जी दस्तावेज

Nagpur Railway Officer Cyber Fraud: नागपुर में साइबर ठग ने खुद को डीआरएम अधिकारी बताकर रिटायर्ड रेलकर्मी से पेंशन सुधार के नाम पर बैंक डिटेल ली और खाते से 31.97 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।
Nagpur Railway Pension Scam
नागपुर में साइबर ठगी(सोर्स :AI)
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Nagpur Railway Pension Scam: नागपुर में साइबर ठग ने खुद को डीआरएम कार्यालय का अधिकारी बताकर मध्य रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी को पेंशन सुधार का झांसा दिया।

WhatsApp पर फर्जी दस्तावेज भेजकर बैंक और कार्ड की गोपनीय जानकारी हासिल की और खाते से 31.97 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।

31.97 लाख रुपए की ठगी

पेंशन में नियम के मुताबिक सुधार का भरोसा एक सेवानिवृत्त रेलकर्मी को भारी पड़ गया। साइबर ठग ने खुद को डीआरएम कार्यालय का अधिकारी बताया, WhatsApp पर फर्जी पेंशन दस्तावेज भेजे और विश्वास जीत लिया। इसके बाद बैंक खाते की गोपनीय जानकारी हासिल कर 31.97 लाख रुपए दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।

डीआरएम कार्यालय से फोन आने का दावा

जानकारी के अनुसार, विजय ढाबरे (61) मध्य रेलवे से करीब एक वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए थे। करीब 11 दिन पहले वे घर पर थे, तभी उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को धर्मेंद्र प्रधान बताते हुए कहा कि वह डीआरएम कार्यालय से बोल रहा है।

उसने ढाबरे को बताया कि उनकी पेंशन में नियमानुसार सुधार किया जाएगा। इसके बाद आरोपी ने ढाबरे के नाम से तैयार किए गए कुछ फर्जी पेंशन दस्तावेज WhatsApp पर भेजे।

फर्जी दस्तावेज देखकर ढाबरे को फोन करने वाले व्यक्ति के रेलवे अधिकारी होने का विश्वास हो गया।

आवेदन भरने के नाम पर मांगी बैंक डिटेल

पेंशन सुधार के लिए आवेदन भरने का झांसा देकर आरोपी ने ढाबरे से बैंक खाते से संबंधित जानकारी हासिल की। आरोप है कि इसी दौरान उसने ATM कार्ड नंबर और CVV जैसी गोपनीय जानकारी भी ले ली।

ठग के हाथ गोपनीय बैंकिंग जानकारी लगते ही कुछ ही समय में खाते से रकम दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। कुल 31.97 लाख रुपए खाते से निकल गए।

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आवेदन भरने के नाम पर मांगी बैंक डिटेल

साइबर ठग ने पेंशन सुधार के लिए आवेदन भरने का झांसा देकर आरोपी ने ढाबरे से बैंक खाते से संबंधित जानकारी हासिल की। आरोप है कि इसी दौरान उसने ATM कार्ड नंबर और CVV जैसी गोपनीय जानकारी भी ले ली।

ठग के हाथ गोपनीय बैंकिंग जानकारी लगते ही कुछ ही समय में खाते से रकम दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। कुल 31.97 लाख रुपए खाते से निकल गए।

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