

Gondwana University Education Office Dispute: गोंडवाना विश्वविद्यालय के कार्यक्षेत्र में उच्च शिक्षा प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संयुक्त निदेशक (उच्च शिक्षा) कार्यालय को गड़चिरोली के बजाय चंद्रपुर में स्थापित करने के लिए राजनीतिक स्तर पर प्रयास किए जाने की चर्चा से गड़चिरोली के शिक्षा जगत में तीव्र नाराजगी व्याप्त हो गई है।
इस संबंध में शासन स्तर पर पत्राचार होने की भी चर्चा है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि ऐसा निर्णय लिया जाता है, तो यह गोंडवाना विश्वविद्यालय के मुख्यालय के महत्व को कमजोर करने वाला कदम होगा। वहीं, विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य प्रशांत (सतीश) पड़ोले ने संयुक्त निदेशक कार्यालय गड़चिरोली में ही शुरू करने की मांग की है।
गोंडवाना विश्वविद्यालय की स्थापना हुए 13 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग का संयुक्त निदेशक कार्यालय आज भी नागपुर से संचालित हो रहा है। इसके कारण विद्यार्थियों, महाविद्यालयों, शिक्षकों तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के लिए बार-बार नागपुर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि होती है।
इस समस्या के समाधान के लिए गड़चिरोली में स्वतंत्र संयुक्त निदेशक कार्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है। इस पर सकारात्मक विचार चल रहा है। राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने भी विधान परिषद में कहा था कि इस प्रस्ताव पर सरकार सकारात्मक निर्णय लेगी।
हालांकि अंतिम मंजूरी से पहले ही इस कार्यालय को गड़चिरोली के बजाय चंद्रपुर में स्थापित करने के लिए एक प्रभावशाली राजनीतिक नेता द्वारा प्रयास किए जाने की चर्चा ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जिस स्थान पर विश्वविद्यालय का मुख्यालय होता है, वहीं संयुक्त निदेशक कार्यालय होना प्रशासनिक दृष्टि से उचित और आवश्यक है।
ऐसे में गोंडवाना विश्वविद्यालय का मुख्यालय गड़चिरोली में होने के बावजूद कार्यालय को चंद्रपुर ले जाने का प्रयास विश्वविद्यालय की स्वायत्तता तथा गड़चिरोली के शैक्षणिक हितों के विपरीत माना जा रहा है। मुख्यालय चंद्रपुर स्थानांतरित करने की चर्चाएं सामने आई थीं। अब संयुक्त निदेशक कार्यालय को लेकर भी इसी तरह की गतिविधियों की चर्चा से विद्यार्थियों, अभिभावकों, प्राध्यापकों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में असंतोष बढ़ गया है।
विधान परिषद में नियम 93 के अंतर्गत हुई चर्चा के दौरान सदस्य अभिजीत वंजारी ने यह मुद्दा उठाया था। जवाब में मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील ने कहा कि चंद्रपुर और गड़चिरोली दोनों जिलों के महाविद्यालयों के प्रस्ताव, सेवा संबंधी प्रकरण, अनुदान, प्रशासनिक स्वीकृतियां तथा अन्य शैक्षणिक कार्यों के त्वरित निपटारे के लिए स्वतंत्र संयुक्त निदेशक कार्यालय की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि अगले 1-2 महीनों में इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
गोंडवाना विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ. अनिल हिरेखण ने कहा है कि गोंडवाना विश्वविद्यालय के लिए स्वतंत्र संयुक्त निदेशक कार्यालय गड़चिरोली में शुरू करने संबंधी सरकार का अभी तक कोई आदेश या पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। कर्मचारियों की मांग है कि यह कार्यालय विश्वविद्यालय परिसर में ही शुरू किया जाए। हालांकि अंतिम निर्णय सरकार ही करेगी कि कार्यालय किस स्थान पर स्थापित किया जाएगा।
गोंडवाना विश्वविद्यालय सीनेट सदस्य प्रशांत पड़ोले ने कहा है कि गोंडवाना विश्वविद्यालय के कार्यक्षेत्र के लिए स्वतंत्र संयुक्त निदेशक कार्यालय स्थापित करने की घोषणा सरकार ने की है। यह कार्यालय गड़चिरोली में ही शुरू होना चाहिए।
यदि इसे किसी अन्य शहर में स्थापित किया गया, तो महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय संबंधी कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से दूसरे शहर जाना पड़ेगा। इसलिए सरकार विश्वविद्यालय की अधिसभा और विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार, सोलापुर की तर्ज पर गड़चिरोली में संयुक्त निदेशक कार्यालय शुरू करे।