

Revanth Reddy KCR Bihar DNA Row: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति (BRS) के प्रमुख चंद्रशेखर राव (KCR) पर एक बार फिर नाम लेकर हमला बोला है। रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि KCR बिहार से आकर तेलंगाना को लूटने की कोशिश करते रहे। मुख्यमंत्री के इस बयान को लेकर राज्य में सियासी घमासान मच गया।
BRS ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस प्रकार का बयान दे रहे हैं। रेवंत रेड्डी ने यह बयान ऐसे वक्त में दिया है जब उनकी सरकार ने केसीआर के एर्रावली स्थित फार्महाउस से जुड़ी जमीन की जांच शुरू कराई है। तेलंगाना सरकार ने अधिकारियों को लगभग 700 एकड़ जमीन के रिकॉर्ड और सरकारी जमीन से जुड़े दावों की पड़ताल के लिए 30 दिन का समय दिया है।
रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में केसीआर पर हमला बोलते हुए कहा कि वह बिहार से आकर तेलंगाना को लूटने की कोशिश कर रहे हैं। रेवंत रेड्डी का केसीआर को बिहार से जोड़ने वाला बयान नया नहीं है। सबसे पहले उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान कहा था कि उनका डीएनए तेलंगाना का है, जबकि केसीआर का डीएनए बिहार का है।
अपने बयान में रेवंत रेड्डी ने दावा किया था कि केसीआर के पूर्वज बिहार से तेलंगाना आए थे। उन्होंने इस दौरान तेलंगाना डीएनए को बिहारी डीएनए से बेहतर बताया था। उनके इस बयान के बाद बिहार में भी राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था। बीजेपी, जेडीयू समेत कई नेताओं ने रेवंत रेड्डी की आलोचना की थी।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने अब अपने हमलों में डीएनए के साथ जमीन के आरोपों को नत्थी कर दिया है। रेंवत रेड्डी ने विधानसभा में कहा कि केसीआर के एर्रावली स्थित फार्महाउस से जुड़ी लगभग 700 एकड़ जमीन की जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि फार्महाउस की 700 एकड़ जमीन करीब 388 एकड़ सरकारी जमीन है। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए अधिकारियों को 30 दिन का समय दिया है।
मुख्यमंत्री रेड्डी ने बीआरएस नेताओं और उनके रिश्तेदारों पर करीब 1 लाख करोड़ रुपये की जमीन कथित तौर पर हड़पने का आरोप भी लगाया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। वहीं, इस मामले पर बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने मुख्यमंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए दोनों परिवारों की संपत्ति की न्यायिक जांच की चुनौती दी है।
रेवंत रेड्डी के बयान पर बीआरएस के नेताओं ने पलटवार किया है। उन्होंने इसे तेलंगाना अस्मिता के नाम पर असल मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला करार दिया है। केसीआर के पूर्वजों का बिहार कनेक्शन पुराना आरोप है। बीआरएस ने कहा कि केसीआर की कई पीढ़ियां तेलंगाना में है और इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।