Lakhamapur Jal Jeevan Mission: लखमापुर गांव में 'जलजीवन मिशन' के तहत चल रहे नल-जल आपूर्ति योजना के कार्यों पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कुएं और पंप हाउस के लिए दानपत्र के ज़रिए ज़मीन लेने का प्रस्ताव ग्रामसभा में पारित दिखाकर प्रशासनिक पत्राचार किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता अभिनव देवरे और दर्शन वाघ ने दावा किया है कि 2 अक्टूबर 2025 को हुई ग्रामसभा के मूल कार्रवाई विवरण में ऐसे किसी प्रस्ताव का उल्लेख नहीं है।
इस संबंध में बागलाण पंचायत समिति के खंड विकास अधिकारी से शिकायत कर जांच की मांग की गई है। लखमापुर के लिए करीब तीन-चार वर्ष पूर्व 4.41 करोड़ रुपये की यह योजना स्वीकृत हुई थी, जिसका ठेका धुले की 'परेश कंस्ट्रक्शन' को मिला है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि योजना में जल स्रोत उपलब्ध कराने से पहले ही पानी की टंकी और एक बस्ती तक पाइपलाइन बिछाकर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का बिल भुना लिया गया।
आरोप के अनुसार, 2 अक्टूबर 2025 की ग्रामसभा की मूल प्रति, उपस्थिति पत्रक और वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच की जाए कि क्या यह प्रस्ताव वास्तव में रखा गया था। शिकायतकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि उनके पास ग्राम विकास अधिकारी का इस मामले से जुड़ा वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है।
उधर, गांव में अब भी कम दबाव से पानी मिलने के कारण ग्रामीणों को सड़कों पर गड्ढे खोदकर पानी भरना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस पूरी योजना की प्रशासनिक व तकनीकी जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम विकास अधिकारी खंडेराव पवार ने कहा कि ग्रामपंचायत का प्रस्ताव ग्रामसभा में पारित नहीं हुआ था, लेकिन सरकारी कार्य के लिए प्रस्ताव की आवश्यकता होने के कारण मैंने बिना पड़ताल किए इसे आगे भेज दिया।
ठेकेदार परेश देवरे ने कहा कि लखमापुर सहित 20 से 25 गांवों की जल आपूर्ति योजनाओं का काम मेरी कंपनी के नाम पर है। लखमापुर का कार्य स्थानीय स्तर पर ठेकेदार कान्हू अहिरे को दिया गया है।