Yavatmal News: ग्राम विकास अधिकारी फिर निलंबित, शासकीय निधि गबन मामले में फंसे

Gram Vikas Adhikari Suspended: दारव्हा पंचायत समिति के शेलोडी ग्राम पंचायत में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी को शासकीय निधि के कथित गबन और कर्तव्य में लापरवाही के मामले में निलंबित किया गया है।
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ग्राम विकास अधिकारी सस्पेंड एआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Yavatmal Gram Panchayat: दारव्हा पंचायत समिति के अंतर्गत शेलोडी ग्राम पंचायत में कार्यरत 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए ग्राम विकास अधिकारी देवानंद इरेगांवकर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। शासकीय निधि के कथित गबन एवं कर्तव्य में लापरवाही के मामले में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष धोत्रे ने इरेगांवकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। रिश्वतखोरी के मामले में पहली बार निलंबित किए जाने के बाद अब दूसरी बार निलंबन की कार्रवाई होने से जिला परिषद प्रशासन में खलबली मच गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार देवानंद इरेगांवकर पूर्व में शेलोडी ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी के रूप में कार्यरत थे इसी दौरान 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मिले थे। इस मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया था। इसके बाद उन्हें आर्णी पंचायत समिति में नियुक्त किया गया था। आर्णी पंचायत समिति में कार्यभार संभालने के कुछ ही समय बाद दारव्हा पंचायत समिति में उनके कार्यकाल से संबंधित शासकीय निधि के कथित गबन एवं आर्थिक अनियमितता का मामला सामने आया। इस संबंध में उनके खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुई थीं।

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अधिकारी पर दूसरी बार कार्रवाई

शिकायतों की जांच के लिए खंड विकास अधिकारी द्वारा जांच की गई जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट में शासकीय निधि के उपयोग में अनियमितता तथा कर्तव्य में गंभीर लापरवाही के संबंध में इरेगावकर की जिम्मेदारी निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई खंड विकास अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष धोत्रे ने इरेगावकर के निलंबन के आदेश जारी किए।

दो मामलों के बाद गंभीर सवाल खड़े

रिश्वतखोरी के मामले में पहले निलंबन के बाद अब शासकीय निधि से जुड़े मामले में दूसरी बार निलंबन की कार्रवाई होने से इरेगांवकर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों के चलते जिला परिषद प्रशासन में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब विभागीय जांच में आगे क्या निष्कर्ष सामने आता है इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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