उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार की अध्यक्षता में बैठक (फोटो नवभारत)
नासिक

नासिक के किसानों की जमीन से हटेगा कर्ज का बोझ, Godavari Lift Scheme की राशि जारी करने के निर्देश

Godavari Lift Scheme Loan Relief: सिन्नर की गोदावरी लिफ्ट सिंचाई योजना के 805 किसान सदस्यों को राहत मिलेगी। बैठक में स्वीकृत राशि तुरंत बैंक को ट्रांसफर करने के वित्त विभाग को आदेश दिए गए।

आलोक उमाकृष्ण

Godavari Lift Irrigation Scheme In Nashik: नासिक जिले में सिन्नर तहसील के बारागांव पिंपरी स्थित गोदावरी लिफ्ट सहकारी जल सिंचाई योजना के बकाया कर्ज की समस्या आखिरकार सुलझने जा रही है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार की अध्यक्षता में बुधवार 2 सितंबर को मुंबई स्थित सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित बैठक में वित्त विभाग को स्वीकृत धनराशि तुरंत बैंक को स्थानांतरित करने के आदेश दिए गए।

इस फैसले से वर्षों से कर्ज के बोझ तले दबे सदस्य किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विधायक माणिकराव कोकाटे के निरंतर प्रयासों और पहल पर इस बैठक का आयोजन किया गया था।

इस बैठक में विधायक माणिकराव कोकाटे, पूर्व सांसद देवीदास पिंगले, विधायक सरोज अहिरे, सहकारिता, वित्त, नियोजन एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जिला बैंक के कार्यकारी निदेशक तथा किसान प्रतिनिधि उपस्थित थे

किसानें पे कर्ज का बोझ

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1982 में बारागांव पिंपरी, पाटपिंपरी और सुलेवाड़ी जैसे सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नासिक जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के ऋण से यह योजना शुरू की गई थी।

इस योजना के तहत लगभग 4450 हेक्टेयर क्षेत्र और 805 किसान सदस्य शामिल हैं। हालांकि, अपेक्षित सिंचाई लाभ पूरी तरह न मिलने के बावजूद किसानों के 7/12 (भूमि अभिलेख) पर कर्ज का बोझ बना हुआ था।

स्वीकृति के बावजूद बैंक तक नहीं पहुंची थी निधि

गोदावरी लिफ्ट योजना के बकाया ऋण को लेकर पूर्व में मंत्री स्तरीय बैठक में स्वीकृति मिल चुकी थी, लेकिन स्वीकृत राशि वास्तव में बैंक को हस्तांतरित नहीं की गई थी, जिससे किसानों की समस्याएं जस की तस बनी हुई थीं। इसी पृष्ठभूमि में आयोजित बैठक में धनराशि स्थानांतरित करने पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसके बाद वित्त विभाग को तुरंत राशि वर्ग करने के निर्देश दिए गए।

939.49 लाख रुपये की मूल राशि

योजना के 805 सदस्य किसानों पर कुल 939.49 लाख रुपये की मूल ऋण राशि बकाया है। भूमि पर कर्जबोझ दर्ज होने के कारण नासिक के किसानों को नई फसल के लिए ऋण या अन्य कृषि ऋण प्राप्त करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में इस मुद्दे का हल होना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जिला बैंक के लिए 672 करोड़ के शेयर कैपिटल पर चर्चा

बैठक में नासिक जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक को 672 करोड़ रुपये की शेयर पूंजी (भागभांडवल) उपलब्ध कराने पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैंक की वित्तीय स्थिति को और अधिक मजबूत करने के दृष्टिकोण से यह धनराशि प्रदान करने पर सकारात्मक रुख अपनाया गया।

जिला बैंक पर पूर्णकालिक प्रशासक की नियुक्ति

इसके अलावा, नासिक जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक पर पूर्णकालिक प्रशासक नियुक्त करने के आदेश सहकारिता विभाग को दिए गए। बैंक के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज को अधिक सक्षम और पारदर्शी बनाने की दिशा में यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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