नासिक बाजार समिति में कचरे का ढेर, किसानों की बढ़ी परेशानी, मनपा के इनकार से कचरा निपटान का संकट

Nashik Market Mandi: नासिक कृषि उपज बाजार समिति में दो दिनों से सड़ी सब्जियों का कचरा जमा है। मनपा ने गीला कचरा लेने से इनकार किया, जिससे दुर्गंध और किसानों की परेशानी बढ़ी।
Nashik Market Mandi
नासिक मंडी में सड़ रही सब्जियां(फोटो नवभारत)
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Rotten Vegetable Waste Piles: कृषि उपज बाजार समिति में पूरे जिले से किसान प्रतिदिन अपनी फसल और सब्जियां बिक्री के लिए लाते हैं।

सब्जियों के वर्गीकरण (ग्रेडिंग) के दौरान खराब माल और पत्ते बाजार समिति परिसर में ही फेंक दिए जाते हैं। इस सड़ी-गली सब्जियों और कचरे को उठाने के लिए बाजार समिति ने ठेकेदार नियुक्त किया है, जो इसे उठाकर मनपा के खाद प्रकल्प में ले जाता है।

हालांकि, पिछले दो दिनों से नगर निगम ने खाद प्रकल्प में इस प्रकार का कचरा लेने से साफ मना कर दिया है, जिससे बाजार समिति परिसर में कचरे का ढेर लग गया है और तीव्र दुर्गंध फैल रही है।

दुर्गंध से नागरिक हो रहे परेशान

नासिक कृषि उपज बाजार समिति परिसर में जगह-जगह जमा सड़ी-गली सब्जियों और कचरे के कारण किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। कचरे के ढेर के चलते किसानों को अपनी फसल और सब्जियां रखने के लिए पर्याप्त साफ-सुथरी जगह नहीं मिल पा रही है।

वहीं, कचरे से उठने वाली तेज दुर्गंध ने पूरे परिसर का माहौल खराब कर दिया है। नासिक बाजार समिति में आने वाले किसान, व्यापारी, हमाल और राहगीर बदबू से खासे परेशान हैं। स्थिति यह है कि परिसर से गुजरते समय लोगों को अपने मुंह और नाक पर कपड़ा रखना पड़ रहा है।

लंबे समय तक कचरा जमा रहने से संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल कचरा हटाने की मांग की है।

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अलग खाद प्रकल्प स्थापित करे बाजार समिति प्रशासन

नगर निगम प्रशासन ने कचरा अधिक गीला होने का हवाला देते हुए इसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया है। इसके चलते बाजार समिति प्रशासन के सामने सड़ी-गली सब्जियों और कचरे के निपटान का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

बाजार समिति ने इस संदर्भ में नासिक मनपा प्रशासन से पत्राचार भी किया, लेकिन मनपा ने शर्त रखी है कि कृषि उपज बाजार समिति प्रशासन को अपने कचरे के निपटान के लिए स्वयं का अलग खाद प्रकल्प स्थापित करना होगा।

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