

Abhinandan Varthaman Indian Air Force FLY91: भारतीय वायु सेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान, जिन्होंने 2019 में पाकिस्तान के एक फाइटर जेट को मार गिराया था, अब पायलट के तौर पर रीजनल एयरलाइन FLY91 से जुड़ गए हैं। 'वीर चक्र' से सम्मानित वर्तमान अगस्त में गोवा की एयरलाइन FLY91 में पायलट के तौर पर शामिल हुए।
2019 में पाकिस्तान के साथ हवाई संघर्ष के बाद वर्तमान चर्चा में आए थे। उस हवाई लड़ाई के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के एक फाइटर जेट को मार गिराया था और इसके बाद उन्हें तीन दिनों तक पाकिस्तान में हिरासत में रखा गया था।
उन्हें 2021 में 'वीर चक्र' से सम्मानित किया गया, जो युद्ध के समय वीरता के लिए भारत का तीसरा सबसे बड़ा सम्मान है। सम्मान के प्रशस्ति-पत्र में हवाई संघर्ष के दौरान उनके "कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण" को मान्यता दी गई थी। FLY91 के प्रवक्ता ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि किसी कर्मचारी की निजी जानकारी एक निजी मामला है।
एयरलाइन में वर्तमान की भूमिका के बारे में और जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं थी। हालांकि, रिटायरमेंट के बाद अब वे नए सफर पर निकल चुके है। गोवा स्थित FLY91 ने मार्च 2024 में अपना कामकाज शुरू किया था। इसके बेड़े में अभी छह ATR 72-600 विमान हैं और यह दो हब गोवा और हैदराबाद से अपनी सेवाएं देती है।
फरवरी साल 2019 में जाबाज अभिनंदन वर्धमान ने अपनी पाकिस्तान के फाइटर जेट को तबाह कर दिया था। तब अभिनंदन वर्धमान भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर थे। उस समय, वे MiG-21 बाइसन स्क्वाड्रन में तैनात थे और श्रीनगर एयर फोर्स स्टेशन पर 'ऑपरेशनल रेडीनेस प्लेटफॉर्म' ड्यूटी पर थे।
तभी, पाकिस्तान एयर फोर्स के फाइटर जेट्स का एक ग्रुप लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) की ओर बढ़ता हुआ दिखाई दिया। उनके दिखने के 5 मिनट के अंदर ही, अभिनंदन वर्धमान को उन्हें रोकने के लिए भेजा गया। उन्होंने दुश्मन के फाइटर जेट्स का मुकाबला किया और उनका पीछा किया।
हवा में हुई लड़ाई के दौरान, अभिनंदन ने एक F-16 को मार गिराया। हालांकि, मची अफरातफरी के बीच, दुश्मन के एक विमान ने कई एडवांस्ड BVR मिसाइलें दागीं, जिनमें से एक उनके जेट से टकरा गई। इस वजह से उन्हें दुश्मन के इलाके में इजेक्ट करना पड़ा।
दुश्मन के इलाके में फाइटर जेट गिरने के बाद भी अभिनंदन डरे नहीं और मुंछों को ताव देते रहे। उन्हें पाकिस्तान की आर्मी ने पकड़ लिया, लेकिन उस समय भाजपा की सरकार के दौरान पाकिस्तान किसी भी हाल में भारत से पंगा लेने के बारे में सोच तक नहीं सकता था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने अभिनंदन वर्धमान को छोड़ने का ऐलान किया।
पाकिस्तान से वापसी के वक्त अभिनंदन के वाघा सीमा के रास्ते आने की खबर मिलते ही सैकड़ों की संख्या में लोग सुबह से ही जमे रहे। बीटिंग रीट्रिट रद्द किए जाने के बावजूद हजारों की संख्या में लोग तिरंगे, ढोल-ताशे के अभिनंदन की एक झलक पाने के लिए खड़े थे।
यह वह समय था जब पूरे देश में हर इंसान सिर्फ अभिनंदन के सुरक्षित वापस लौटने की दुवा कर रहा था। इस बीच वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत स्थिति और भारतीय सेना के खौफ के कारण पाकिस्तान अभिनंदन को छू भी नहीं सका और वे सुरक्षित वापस लौट आए थे।