

Jitendra Mishra Ram Mandir CEO: भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को बुधवार को राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO का बनाया गया था। उन्होंने आज अपना पदभार संभाल लिया। जितेंद्र मिश्रा गुरुवार को पहली बार अयोध्या पहुंचे। जहां ट्रस्ट की ओर से उनका भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंचे। जितेंद्र मिश्रा ने अपने चयन पर ट्रस्ट का आभार जताया।
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने अयोध्या में ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की और आगामी प्रशासनिक व विकास कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अपने चयन को लेकर ट्रस्ट का आभार जताया। उन्होंने इसे प्रभु श्रीराम की कृपा और अपने जीवन की बड़ी अनुभूति बताया। रिटायर्ड एयर मार्शल ने कहा कि वह अब राष्ट्र सेवा के बाद रामभक्तों की सेवा करेंगे।
राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा गुरुवार को सुबह अयोध्या पहुंचे। यहां अयोध्या एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। उसके बाद वह एयरपोर्ट से निकलकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंचे जहां ट्रस्ट के पदाधिकारियों तथा कर्मचारियों ने फूल माला पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया। पदभार संभालने के बाद यह जितेंद्र मिश्रा का पहला अयोध्या दौरा था।
राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO चुने जाने को जितेंद्र मिश्रा ने अपने लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंंने कहा कि राष्ट्र की सेवा करने के बाद अब उन्हें प्रभु श्रीराम, रामभक्तों और राम मंदिर ट्रस्ट की सेवा करने का मौका मिला है।
जानकारी के मुताबिक, सीईओ के तौर पर अपनी पहली अयोध्या दौरे के दौरान एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पदाधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की और आगामी प्रशासनिक व विकास कार्यों की जानकारी ली।
बैठक में ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि महाराज, ट्रस्टी जगदीश आफले और कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका भी मौजूद रहे। CEO पद संभालने के बाद ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ प्रशासनिक और आगामी कार्यों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। राम मंदिर ट्रस्ट के इतिहास में यह पहली बार है, जब किसी पूर्व सैन्य शीर्ष अधिकारी को मंदिर प्रबंधन की इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंदिर परिसर के लगातार विस्तार, बढ़ती व्यवस्थाओं और हाईटेक सुरक्षा तंत्र को देखते हुए लंबे समय से एक सख्त, अनुभवी और कुशल प्रशासक की जरूरत महसूस की जा रही थी।