Nagpur Onion Price Hike Impact: रसोई का बजट संतुलन एक बार फिर पूरी तरह बिगड़ चुका है। बीते 2 हफ्तों के भीतर प्याज दामों में आई तेजी ने आम जनता के पसीने छुड़ा दिए हैं। प्याज की आसमान छूतीं कीमतें देखते ही देखते थोक से लेकर खुदरा बाजार तक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। रसोई की सबसे अहम जरूरत मानी जाने वाली प्याज की कीमतें बढ़ जाने से अब मध्यम वर्ग और गरीब तबके की थाली का स्वाद बिगड़ने लगा है। वहीं लहसुन और अदरक के दाम भी आसमान छू रहे हैं।
व्यापारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले महज 13 दिन पहले तक थोक मंडी में प्याज का भाव 35 से 45 रुपए प्रति किलो के आसपास बना हुआ था लेकिन आपूर्ति में कमी और मांग में अचानक तेजी आने के बाद भाव बढ़कर 55 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया और अब गुणवत्ता अनुसार खुदरा बाजार में प्याज 50 से 70 रुपए प्रति किलो तक बिक रही है।
व्यापारियों ने बताया कि मंडी से माल उठाने, ट्रांसपोर्टेशन, हमाली और रास्ते में खराब होने वाली प्याज की छंटाई को जोड़ दिया जाए तो व्यापारी को थोक में ही अच्छी प्याज 55 से 60 रुपए प्रति किलो की लागत में पड़ रही है, इसलिए खुदरा बाजार में एकदम लाल और मजबूत छिलके वाली बढ़िया प्याज खुदरा में 70 प्रति किलो बेची जा रही है, जबकि थोड़ी हल्की और 'गंडी' वाली प्याज 50 से 60 प्रति किलो में बिक रही है।
व्यापारियों के अनुसार दामों में भारी उछाल का असर ग्राहकी पर भी साफ दिखाई दे रहा है जो ग्राहक पहले एक बार में 20 किलो प्याज ले जाते थे वे अब महज 10 किलो से काम चला रहे हैं। हालांकि ग्राहकों को पता है कि हल्की प्याज में खराबी ज्यादा निकलती है, इसलिए लोग 70 वाली अच्छी प्याज ही खरीद रहे हैं।
सिर्फ प्याज ही नहीं बल्कि सब्जी के तड़के के लिए इस्तेमाल होने वाले लहसुन और अदरक भी रसोई का बजट बिगाड़ रहे हैं। लहसुन पिछले 6 महीनों से लगातार महंगा बना हुआ है जो लहसुन पहले 280 रुपए प्रति किलो बिकता था, वह आज खुदरा में 350 से 400 रुपए प्रति किलो के आंकड़े को छू चुका है। थोक बाजार में ही अच्छी क्वालिटी का लहसुन 250 से 300 प्रति किलो के भाव बिक रहा है।
प्याज ₹60-70/kg
लहसुन ₹350-400/kg
पुराना अदरक ₹230-240/kg
नया अदरक ₹110-120/kg
फिलहाल प्याज, लहसुन और अदरक की बढ़ती कीमतों ने गृहिणियों की परेशानी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो रसोई के इस बढ़े हुए खर्च का असर आम परिवारों की मासिक बचत पर भी पड़ सकता है।