

Nagpur Cyber Police Warning On Raksha Bandhan: रक्षाबंधन पर बहन के लिए खास तोहफा खरीदने की तैयारी है? ऑनलाइन मिलने वाला कोई आकर्षक ऑफर आपको जरूरत से ज्यादा सस्ता नजर आ रहा है? तो सावधान हो जाइए।
त्योहार की खुशियों के बीच साइबर जालसाज भी सक्रिय हैं और लोगों की भावनाओं, जल्दबाजी तथा सस्ते ऑफर के लालच को हथियार बनाकर बैंक खातों में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को ऐसे संदेशों, लिंक और ऑनलाइन ऑफर्स से सतर्क रहने की सलाह दी है। साइबर सेल भी ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है, ताकि रक्षाबंधन के दौरान लोग ठगी का शिकार न हों।
साइबर अपराधी व्हाट्सऐप और एसएमएस के जरिए आकर्षक ग्रीटिंग और त्योहार से जुड़े संदेश भेज रहे हैं। इनमें ‘रक्षाबंधन ग्रीटिंग APK’ या ‘फेस्टिवल गिफ्ट APK’ जैसी फाइलें शामिल हो सकती हैं। ऐसी संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करने से मोबाइल और उसमें मौजूद संवेदनशील जानकारी खतरे में पड़ सकती है।
जालसाज फर्जी शॉपिंग वेबसाइट बनाकर भी राखी और गिफ्ट के नाम पर ग्राहकों को निशाना बना रहे हैं। वेबसाइट असली जैसी दिखाई देती है, लेकिन भुगतान करने के बाद न तो सामान मिलता है और न ही पैसा वापस आता है।
‘रक्षाबंधन स्पेशल कैशबैक’, ‘फ्री गिफ्ट वाउचर’ या सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर लिंक भेजे जा रहे हैं। कई मामलों में QR कोड स्कैन करवाकर या फर्जी UPI रिक्वेस्ट भेजकर रकम निकालने की कोशिश की जाती है।
इसके अलावा, रिश्तेदार या करीबी बनकर अचानक पैसे मांगना भी ठगों का पुराना लेकिन प्रभावी तरीका है। आपात स्थिति बताकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाता है। ऐसे में पहले संबंधित व्यक्ति को फोन कर पहचान की पुष्टि करना जरूरी है।
राखी व्यापारी विराग संघवी ने ग्राहकों को बाजार से खरीदारी करने की सलाह दी। उनका कहना है कि लगातार सामने आ रहे साइबर फ्रॉड को देखते हुए ग्राहकों को ऑनलाइन खरीदारी के लालच में पड़ने के बजाय बाजार में आकर सामान खरीदना समझदारी है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि अनजान लिंक न खोलें, संदिग्ध APK डाउनलोड न करें, UPI PIN किसी के साथ साझा न करें और किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर QR कोड स्कैन न करें।त्योहार की खुशी में थोड़ी-सी सावधानी बैंक खाते को बड़ी ठगी से बचा सकती है।