

Nagpur Tourists Stranded In Nepal Rescued: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ और आपदा की वजह से फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों के लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर सामने आई है। नागपुर के रहने वाले सभी 106 पर्यटक, जो नेपाल के काठमांडू में फंसे हुए थे, अब पूरी तरह से सुरक्षित हैं और उनकी वतन वापसी की यात्रा शुरू हो चुकी है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की त्वरित और संवेदनशील पहल के कारण इन सभी पर्यटकों को काठमांडू से बिहार के दानापुर के लिए रवाना कर दिया गया है।
इस संकट की घड़ी में जब नेपाल में बाढ़ के कारण हालात बेहद चिंताजनक हो गए थे, तब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सीधे तौर पर इस मामले में हस्तक्षेप किया। उन्होंने नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के इन पर्यटकों के साथ खुद वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से पर्यटकों का हाल-चाल जाना, उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा की जानकारी ली और संकट में घिरे इन नागरिकों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने बेहद आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ पर्यटकों को ढांढस बंधाते हुए कहा, चिंता न करें, सरकार आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री के इन शब्दों ने घबराए हुए पर्यटकों और उनके परिवारों को एक संबल और बड़ी राहत दी।
वीडियो कॉल पर बातचीत करने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य प्रशासन को बेहद सख्त और जरूरी निर्देश जारी किए। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव और आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएं।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने इस गंभीर मामले को देश के विदेश मंत्रालय के समक्ष भी उठाया। उन्होंने विदेश मंत्रालय से विशेष रूप से आग्रह किया कि नेपाल में फंसे इन नागरिकों की सुरक्षित निकासी और उनकी भारत वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
इस बचाव अभियान को जमीन पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नेपाल के स्थानीय सांसद संदीप राणा से भी फोन पर विशेष रूप से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट रूप से दोहराया कि महाराष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षा और उनकी भलाई ही सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के व्यक्तिगत फोन कॉल के बाद नेपाल के सांसद संदीप राणा ने बेहद तत्परता दिखाई। उन्होंने पर्यटकों के सफर को सुगम बनाने के लिए तुरंत स्थानीय स्तर पर 4 मिनी-बसों का इंतजाम कर दिया। इन बसों के माध्यम से सभी 106 पर्यटक काठमांडू से सुरक्षित रूप से रवाना हो चुके हैं।
राहत अभियान के योजनाबद्ध कार्यक्रम के अनुसार, काठमांडू से चली ये मिनी बसें पर्यटकों को लेकर अगले दिन सुबह तक जनकपुर-बिहार सीमा पर पहुंच जाएंगी। इस सीमा पार करने के बाद पर्यटकों को बिहार के दानापुर तक ले जाने के लिए विशेष रूप से बसों की व्यवस्था पहले से ही कर दी गई है।
इतना ही नहीं, दानापुर पहुंचने के बाद इन सभी यात्रियों को नागपुर वापस भेजने के लिए दानापुर से ट्रेन की अग्रिम व्यवस्था भी सुनिश्चित कर दी गई है। इस संपूर्ण समन्वय और त्वरित आपदा प्रबंधन के कारण सभी पर्यटकों की सुरक्षित घर वापसी का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है।