

Tamil Nadu Government Nepal Rescue Mission: नेपाल के उत्तरी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ और हिमस्खलन ने वहां भारी तबाही मचाई है। इस विनाशकारी आपदा के कारण सीमावर्ती जिले रसुवा और आसपास के इलाकों में यातायात और संचार पूरी तरह ठप हो चुका है, जिससे वहां गए तीर्थयात्री और पर्यटक संकट में घिरे हैं। ऐसे में तमिलनाडु के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस गंभीर स्थिति की समीक्षा की है और नेपाल में फंसे तमिलों की सुरक्षित वापसी के लिए एक उच्च स्तरीय प्रशासनिक दल को काठमांडू भेजने का आदेश दिया है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में नेपाल की भीषण आपदा में फंसे तमिलनाडु के निवासियों की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा का बारीकी से आकलन किया गया। इस समीक्षा के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री ने बचाव प्रयासों के समन्वय के लिए एक IAS अधिकारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल को नेपाल भेजने का निर्देश दिया। इस टीम का नेतृत्व तमिलनाडु के गृह आयुक्त आशीष कुमार (IAS) कर रहे हैं। यह प्रतिनिधिमंडल देश की राजधानी दिल्ली से सीधे काठमांडू के लिए रवाना होगा, ताकि वहां फंसे तमिल नागरिकों की स्थिति का आकलन किया जा सके और स्थानीय बचाव कार्यों को गति दी जा सके।
यह प्राकृतिक आपदा तब शुरू हुई जब भीषण हिमस्खलन के कारण नेपाल की प्रमुख कोसी और त्रिशूली नदियां उफान पर आ गईं, जिससे बड़े क्षेत्र जलमग्न हो गए। नेपाल के उत्तरी सीमावर्ती जिले रसुवा में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है, जहां अब तक कम से कम 175 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, करीब 1,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 300 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इस विनाशकारी बाढ़ ने क्षेत्र में परिवहन और संचार व्यवस्था को पूरी तरह बाधित कर दिया है, जिससे तीर्थयात्रियों और पर्यटकों का पता लगाने के प्रयास काफी जटिल हो गए हैं।
तमिलनाडु विधानसभा में स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन अरुमुगम ने नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में फंसे राज्य के लोगों की दुर्दशा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु राज्य से कुल 103 लोग नेपाल की यात्रा पर गए हुए थे। इन यात्रियों में कुंभकोणम के 57 लोगों का एक बड़ा समूह भी शामिल है। राहत की बात यह है कि कुंभकोणम के इन 57 लोगों में से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। बाकी बचे हुए यात्रियों से संपर्क स्थापित करने और उनकी सटीक स्थिति व वर्तमान स्थान का पता लगाने के लिए सघन प्रयास लगातार जारी हैं।
नेपाल भेजी जा रही इस आईएएस-नेतृत्व वाली विशेष टीम के आने से तमिलनाडु प्रशासन, भारतीय राजनयिक अधिकारियों और नेपाल सरकार के बीच समन्वय काफी मजबूत होने की उम्मीद है। यह प्रतिनिधिमंडल मुख्य रूप से लापता या फंसे हुए लोगों के बारे में सटीक और सत्यापित जानकारी एकत्र करेगा। इसके साथ ही, प्रभावित तमिल नागरिकों की आवश्यकताओं की पहचान की जाएगी और उनके बचाव में हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकारियों को प्रभावित लोगों के परिवारों के साथ निरंतर संपर्क में रहने और उन्हें बचाव कार्यों की पल-पल की प्रगति और अपडेट देने के निर्देश दिए गए हैं।
तमिलनाडु सरकार ने सभी संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे फंसे हुए यात्रियों को हर संभव सहायता प्रदान करें और बचाए गए निवासियों को सुरक्षित घर वापस लाने के लिए उचित यात्रा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। वर्तमान में, बचाव दल क्षतिग्रस्त सड़कों और पूरी तरह ठप पड़े संचार नेटवर्क के बीच बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाकों में जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। कई भारतीयों के लापता होने की आशंका के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है। राज्य सरकार स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है ताकि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षित वापसी हो सके।