Nagpur Administrative Complex 1,000cr: नागपुर में विधान भवन एक्सटेंशन परियोजना को अब गति मिलने जा रही है।
महाराष्ट्र राज्य इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSIDC) ने करीब 1,000 करोड़ रुपए की परियोजना के निर्माण के लिए निविदा जारी की है। दो हिस्सों में होने वाले इस काम को 15 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है।
नागपुर के प्रशासनिक क्षेत्र में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विधान भवन एक्सटेंशन परियोजना के तहत करीब 1,000 करोड़ रुपए की लागत से वर्ल्ड क्लास प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स तैयार किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए MSIDC ने निविदा जारी कर दी है। हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट MEP सिस्टम और आधुनिक वास्तुशिल्प से लैस यह परिसर नागपुर के प्रशासनिक परिदृश्य को नया रूप देगा।
मिली जानकारी के अनुसार, परियोजना के तहत प्लॉट 1 और प्लॉट 2 में विधान भवन एक्सटेंशन तथा प्रशासनिक इमारत को आपस में जोड़ा जाएगा। पूरे परिसर को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और विश्व स्तरीय सुविधाओं के अनुरूप विकसित करने की योजना है।
परियोजना के डिजाइन को अंतिम रूप दिया जा चुका है और अब निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो गई है। पूरे काम को दो हिस्सों में बांटा गया है। एक हिस्से के लिए करीब 661 करोड़ रुपए, जबकि दूसरे हिस्से के लिए 339 करोड़ रुपए का काम प्रस्तावित है। इस तरह परियोजना की कुल लागत करीब 1,000 करोड़ रुपए है।
प्लॉट 1 में मुख्य प्रशासनिक इमारत का निर्माण किया जाएगा। इसमें नया काउंसिल हॉल, सचिवालय कार्यालय और उच्च स्तरीय बैठक कक्ष प्रस्तावित हैं। इसके अलावा आम जनता, मीडिया और वीआईपी प्रतिनिधियों के लिए विजिटर गैलरी, वीआईपी लाउंज और प्रेस ब्रीफिंग रूम भी विकसित किए जाएंगे।
इमारत को आधुनिक लुक देने के लिए प्रीमियम फैकेड, स्ट्रक्चरल ग्लास ग्लेजिंग और स्टोन क्लैडिंग जैसे काम किए जाएंगे।
प्लॉट 2 में न्यू एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों के अतिरिक्त कार्यालय, संसदीय समिति कक्ष और सपोर्ट स्टाफ के लिए ब्लॉक बनाए जाएंगे। परिसर के बाहरी रास्तों और खुले क्षेत्रों को भी विकसित किया जाएगा।
पूरे प्रोजेक्ट में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक MEP सिस्टम, RCC स्ट्रक्चरल वर्क, ग्लास ग्लेजिंग और टेराकोटा जाली जैसे निर्माण तत्वों का इस्तेमाल प्रस्तावित है।
MSIDC महाराष्ट्र राज्य इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के कार्यकारी अभियंता नरेश बोरकर के अनुसार, विधान भवन एक्सटेंशन परियोजना अब धरातल पर उतरने जा रही है और निर्माण के लिए निविदा जारी की गई है। परियोजना को 15 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही ऑपरेशन्स एंड मेंटेनेंस अवधि भी निविदा में अनिवार्य की गई है।
विधान भवन एक्सटेंशन परियोजना अब धरातल पर उतरेगी। परियोजना का डिजाइन अंतिम रूप ले चुका है और निर्माण कार्य के लिए निविदा जारी कर दी गई है। इसके तहत पार्ट-1 में ₹661 करोड़ और पार्ट-2 में ₹339 करोड़ का कार्य किया जाएगा।
— नरेश बोरकर, कार्यकारी अभियंता, MSIDC