नागपुर कचरा समस्या,(प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

नागपुर में सुरक्षा 'रामभरोसे', कचरा गाड़ियां और आवारा जानवर बने मौत का कारण

Nagpur Garbage Issue: नागपुर में कचरा गाड़ियों और आवारा जानवरों से हो रही मौतों पर मनपा में हंगामा। पार्षदों ने प्रशासन और ठेकेदारों की लापरवाही पर जवाबदेही तय करने की मांग की।

अंकिता पटेल

Nagpur Stray Animals Danger: नागपुर महानगर पालिका की लचर प्रशासनिक व्यवस्था और कचरा संकलन करने वाली बीवीजी और एजी एन्वायरों कम्पनी की घोर लापरवाही के कारण शहर के नागरिकों की सुरक्षा रामभरोसे है। शहर में कचरा संकलन करने वाली बेलगाम गाड़ियों और सड़कों पर घूम रहे आवारा जानवरों के कारण लगातार हो रहीं दर्दनाक मौतों ने मनपा की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है।

बुधवार को मनपा की आम सभा में पार्षदों ने इन ज्वलंत मुद्दों पर प्रशासन को जमकर घेरा और प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग की। पार्षद प्रदीप पोहाणे द्वारा प्रश्नोत्तर काल में उठाए गए प्रश्न की चर्चा में विपक्ष नेता संजय महाकालकर, पार्षद अभिजीत झा, पार्षद शैलेश पांडे आदि ने हिस्सा लिया।

नशे में दौड़ा रहे गाड़ियां फिटनेस भी नदारद

पार्षद शैलेश पांडे ने कहा कि शहर में बीवीजी कंपनी और मनपा की कचरा गाड़ियां लोगों के लिए 'काल' बन गई हैं। उन्होंने खुलासा किया कि कई गाड़ियों का फिटनेस सर्टिफिकेट ही नहीं है। हाल ही में आरटीओ ने मनपा की ही एक कचरा गाड़ी पर फिटनेस न होने के कारण 38,500 रुपये का भारी जुर्माना लगाया था। सबसे चिंताजनक बात यह कि कई ड्राइवर शराब के नशे में गाड़ियां चला रहे हैं, जिन्हें उनके सुपरवाइजर और अधिकारी संरक्षण दे रहे हैं।

घर के सामने महिला को उड़ाया

सत्ता पक्ष के पार्षद प्रदीप पोहाणे ने कहा कि एक दिल दहला देने वाली घटना में बिना लाइसेंस वाले एक कचरा बीनने वाले ने गाड़ी चलाते हुए घर के बाहर खड़ी एक महिला को कुचल दिया। पार्षद झा ने कहा कि प्रभाग 8 में एक बीवीजी ड्राइवर ने कचरा फेंकने आई एक महिला को रिवर्स करते हुए कुचलकर मार डाला। मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये का मुआवजा तो दे दिया गया, लेकिन हैरत की बात यह कि उस ड्रखवर (विशाल टेंभुर्णे) को महज 3 महीने में वापस ड्यूटी पर रख लिया गया, जिसके बाद उसने शराब के नी में फिर से एक और एक्सीडेंट किया, सदन में पार्षदों ने सवाल उठाया कि क्या नागरिकों की जान इतनी सस्ती है कि कातिल ड्राइवरों को फिर से स्टेयरिंग शमा दी जाए?

आवारा जानवरों का कहर और 'कोंडवाड़ा' विभाग की नाकामी

पार्षद नाईक ने कहा कि शहर की सड़कों पर आवारा जानवरों का आतंक चरम पर है और मनपा का कोंडवाड़ा (मवेशी पकड़ने वाला) विभाग पूरी तरह विफल साबित हुआ है।

9 मार्च 2026 को शांतिनगर से महाल परिसर (सुरेश भट सभागृह के सामने) तका एक रैबीज संक्रमित पागल भैस ने जमकर उत्पात मचाया, सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों की भीड़ के बीच इस भैस ने एक वृद्ध व्यक्ति को कुचल दिया, जिररसे उनकी मौत हो गई, वह अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे।

कोंडवाड़ा विभाग को सूचना देने के बावजूद उनकी टीम सवा घंटे की देरी से पहुंची और उनके पास पशुओं को पकड़ने के लिए न तो कोई तकनीकी स्टाफ था और न ही कोई आधुनिक व्यवस्था पार्षद दिव्या घुरडे ने बताया कि एक अन्य घटना में स्कूल से अपनी बच्ची को लेकर लौट रहीं एक महिला पर आवारा गाय और साह के झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया, स्थानीय नागरिकों की बहादुरी के कारण उनकी जान बच गई, लेकिन महिला को गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।

कोरोना योद्धा का मुद्दा और मुआवजे की मांग

सदन में कोरोना काल के दौरान काम करते हुए जान गंवाने वाले एक सफाई कर्मचारी का मुद्दा भी गूजा। सता पक्ष नेता बाल्या बोरकर ने कहा कि सीवेज लाइन साफ करते समय कोरोना संक्रमित हुए इस कर्मचारी को परमानेंट नौकरी का आदेश तो मिला, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के कारण यह आदेश नहीं ले सका और उसकी मौत हो गई, बाल्या बोरकर ने मांग की कि ऐसे कोरोना योद्धाओं और कचरा गाड़ियों व जानवरों के हमलों में मारे गए लोगों के आश्रितों को मनपा द्वारा नौकरी और उचित आर्थिक सहायता दी जाए।

महापौर के सख्त निर्देश

सदन में उठे इस भारी हंगामे और प्रदीप पौहाणे, सचिन नाइक, बाल्या बोरकर सहित अन्य पार्षदों की शिकायतों के बाद महापौर नीता ठाकरे ने मनपा आयुक्त को सख्त निर्देश दिए। महापौर ने कहा कि मनपा की लापरवाही से हुए नुकसान के लिए पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद और नौकरी के प्रावधान किए जाएं।

इसके साथ ही कचरा गाड़ियों के संचालन के लिए सख्त नियमावली बनाने, दोषी कर्मचारियों व ड्राइवरों को दोबारा काम पर न रखने और संबंधित कंपनियों पर कड़ा जुर्माना लगाने के निर्देश भी जारी किए गए।

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